नयी दिल्ली : भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए 44 पुलों का उद्घाटन किया. गौरतलब है कि चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत ने हर स्थिति से निपटने के लिए 102 पुलों के निर्माण की योजना बनायी है. अबतक देश में 54 पुल बनाये जा चुके हैं.
चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच भारत सरकार पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ा रही है, ताकि हर परिस्थिति से निपटा जा सके. अबतक बनाये गये 54 पुल इतने मजबूत हैं कि इन पर युद्ध की स्थिति में टी-90 जैसा वजनी टैंक भी आराम से आ जा सकता है.
बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि आज जिन 44 पुल का उद्घघाटन हुआ है उनमें से 30 पुल लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक में आते हैं जहां एलओसी है. इन पुलों का निर्माण क्लास 70 तकनीक से हुआ है जिसपर से 70 टन का भारी वाहन भी गुजर सकता है.
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से भारत-चीन सीमा पर गतिरोध कायम है. गलवान घाटी में संघर्ष भी हो चुका है,उसके बाद से कई दौर की बातचीत के बाद भी चीन एलएसी से सेना नहीं हटा रहा है. सेना हटाने की बजाय चीन ने सेना की तैनाती बढ़ा दी, जिसके बाद भारत ने भी सीमा पर ना सिर्फ सेना की बल्कि अपने सभी ताकतवर मिलाइल को भी तैनात किया है, ताकि जरूरत पड़ने पर चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके.
पुलों के उद्घघाटन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ के अधिकारियों की तारीफ की और कहा कि हमें इस साल 102 पुल का निर्माण कर देना है. यह इलाके में कनेक्टिविटी के लिए बहुत जरूरी है. इन पुलों के निर्माण से सेना को समय पर हथियार और गोला बारुद उपलब्ध कराये जा सकेंगे.
Posted By : Rajneesh Anand
