पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के ऑफर पर विदेश मंत्रालय की दो टूक, सीमा हैदर और अंजू पर भी किया कमेंट

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की भारत पर टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हमने रिपोर्टें देखी हैं. भारत का रुख इस बात पर कायम है कि हम सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहते हैं. लेकिन इसके लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण जरूरी है.

पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ द्वारा भारत के से बातचीत का ऑफर दिये जाने पर भारत सरकार ने दो टूक जवाब दे दिया है. विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ पड़ोसी संबंध चाहता है लेकिन वहां ऐसे रिश्ते के लिए आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल होना चाहिए.

पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए आतंक और हिंसा मुक्त माहौल चाहिए : भारत

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की भारत पर टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हमने रिपोर्टें देखी हैं. भारत का रुख इस बात पर कायम है कि हम सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहते हैं. लेकिन इसके लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण जरूरी है. पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जून में कहा था कि भारत के लिए पड़ोसी देश के साथ तब तक संबंध सामान्य करना संभव नहीं है जब तक कि वह सीमा पार आतंकवाद की नीति बंद न कर दें.

जम्मू-कश्मीर हमेशा देश का हिस्सा था, है और रहेगा

मालूम हो भारत हमेशा कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है, जबकि इस बात पर भी जोर देता रहा है कि इस तरह के संबंध के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी पाक की है. भारत ने यह भी कहा है कि जम्मू-कश्मीर हमेशा देश का हिस्सा था, है और रहेगा.

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विदेश मंत्रालय ने सीमा हैदर और अंजू मामले में भी टिप्पणी की

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर और भारतीय महिला अंजू के बारे में टिप्पणी की. उन्होंने कहा, सीमा हैदर मामले की जांच की जा रही है. दूसरी ओर अंजू का निजी तौर पर पाकिस्तान गयी है. यह विदेश नीति का मुद्दा नहीं है. मालूम हो सीमा हैदर अवैध रूप से पाकिस्तान से अपने कथित प्रेमी सचिन से मिलने भारत आयी है. वहीं प्रेमी से मिलने के लिए भारत की अंजू पाकिस्तान पहुंच गयी है और वहां शादी भी कर ली है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत को लेकर क्या दिया था बयान

दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को सभी गंभीर और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए भारत के साथ बातचीत करने की पेशकश की थी और कहा था कि दोनों देशों के लिए युद्ध कोई विकल्प नहीं है क्योंकि दोनों देश गरीबी और बेरोजगारी से लड़ रहे हैं. शरीफ ने पाकिस्तान खनिज शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी.

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युद्ध कोई विकल्प नहीं : शरीफ

शहबाज शरीफ ने भारत के संदर्भ में कहा था, हम हर किसी के साथ बात करने के लिए तैयार हैं, यहां तक कि अपने पड़ोसी के साथ भी बशर्ते कि पड़ोसी गंभीर मुद्दों पर बात करने के लिए गंभीर हो, क्योंकि युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है. प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध के इतिहास के बारे में बात की. उनकी राय में युद्ध के परिणामस्वरूप गरीबी, बेरोजगारी और लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए संसाधनों की कमी हुई. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमता रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए है न कि आक्रामकता के लिए. उन्होंने कहा, अगर कोई परमाणु विस्फोट हुआ तो यह बताने के लिए कौन जीवित रहेगा कि क्या हुआ, इसलिए युद्ध कोई विकल्प नहीं है.

अगस्त 2019 से भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बहाल

मालूम हो इस्लामाबाद और नयी दिल्ली के बीच द्विपक्षीय संबंध अगस्त 2019 से तनावपूर्ण हैं जब भारत ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस ले लिया था.

भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत का समर्थन करता है अमेरिका

अमेरिकी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उनका देश भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद का समर्थन करता है. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवाद तथा कश्मीर मुद्दे समेत विभिन्न मसलों के कारण संबंध तनावपूर्ण हैं. विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, जैसा कि हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं, हम भारत और पाकिस्तान के बीच चिंताजनक मुद्दों पर सीधे संवाद का समर्थन करते हैं. हमारा लंबे समय से यही रुख रहा है.

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Published by: Arbindkumar mishra

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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