Delimitation: कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी पार्टियों ने कहा- महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन के प्रावधानों का पुरजोर विरोध करेंगे क्योंकि ये खतरनाक है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक में नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन संबंधी विधेयक पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि वे परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ एकजुट होकर वोट करेंगे.
विपक्ष की मांग, लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी किए बिना महिला आरक्षण लागू करे
विपक्षी पार्टियों ने कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए. बैठक के बाद खरगे ने कहा, हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं. हालांकि, जिस तरह से इसे लाया गया है वह संदिग्ध है और हमें इस पर गंभीर आपत्ति है. यह राजनीति से प्रेरित है. मोदी सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने और दबाने के लिए इस तरह से काम कर रही है. हमने महिला आरक्षण विधेयक का लगातार समर्थन किया है और इस बात पर जोर दिया है कि इसे पहले पारित संशोधन के आधार पर लागू किया जाना चाहिए.
परिसीमन पर सरकार गलत मंशा के साथ कदम बढ़ा रही : खरगे
खरगे ने आरोप लगाया- परिसीमन पर सरकार कुछ गलत मंशा के साथ कदम बढ़ा रही है. उन्होंने कहा, इसलिए सभी विपक्षी दल एकजुट होकर संसद में संघर्ष करने जा रहे हैं. मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि हम महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ नहीं हैं. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, साल 2023 में अनुच्छेद 334(ए) को संविधान में शामिल किया गया था. इसमें सर्वसम्मति से महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने की बात की गई थी. हम चाहते हैं कि उस प्रावधान को तुरंत लागू किया जाए.
बीजेडी ने समर्थन के लिए रख दी शर्तें
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत किया. उन्होंने कहा- उनकी पार्टी परिसीमन विधेयक का स्वागत तभी करेगी, जब ओडिशा के राजनीतिक अधिकार बरकरार रहेंगे. यह सिर्फ संख्या का मामला नहीं है. यह विधेयक संविधान में निहित सहकारी संघवाद की भावना पर सीधा प्रहार करता है.
बैठक में इन पार्टियों के नेताओं ने लिया हिस्सा
बैठक में खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश, समाजवादी पार्टी के रमाशंकर राजभर और सनातन पांडेय, द्रमुक नेता टी. आर. बालू, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत एवं अरविंद सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लिया.
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