Illegal Madrasas : अवैध मदरसों पर सीएम योगी का चल रहा है बुलडोजर

Illegal Madrasas : योगी सरकार का बड़ा अभियान जारी है. यूपी के सीमावर्ती इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है. मदरसों की जांच में कई गड़बड़ियां उजागर हुईं हैं. श्रावस्ती, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और महाराजगंज जिलों में अभियान में तेजी लाई गई है.

Illegal Madrasas : भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में योगी सरकार के निर्देश पर अवैध मदरसों, मस्जिदों और धार्मिक स्थलों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी कर अवैध कब्जों की पहचान की है. बिना मान्यता और मानकों के चल रहे मदरसों को सील किया जा रहा है, जबकि सरकारी जमीन पर बने अवैध धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है. अब तक सैकड़ों अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा चुकी है और यह अभियान लगातार जारी है.

जनपद श्रावस्ती और पीलीभीत का हाल

जनपद श्रावस्ती में बुधवार को चार मदरसों को सील किया गया जो अवैध एवं बिना मान्यता के चल रहे थे. वहीं, नेपाल बॉर्डर के 15 किलोमीटर के दायरे में अस्थायी और स्थायी अवैध अतिक्रमण को भी विधि सम्मत ध्वस्त किया गया. इस तरह, अब तक 36 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है. जबकि, कुल 131 अवैध अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया जा चुका है. ग्राम भरथा, रोशनगढ़, परगना व तहसील भिनगा में स्थित मस्जिद सरकारी भूमि पर निर्मित थी, जिसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है. जनपद पीलीभीत में नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर के अंदर सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया. उपर जिलाधिकारी (पीलीभीत) एवं अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया जिसमें कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं पाई गई.

जनपद महाराजगंज और बलरामपुर का हाल

जनपद महाराजगंज की नौतनवा तहसील में अब तक 13 अवैध मदरसे व मस्जिदों पर कार्रवाई की जा चुकी है. वहीं, निचलौल तहसील में 6 और फरेंदा में 14 अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई. जनपद लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा पर दो तहसीलें निघासन और पलिया जुड़ती हैं. तहसील पलिया में कृष्णानगर व चंदन चौकी में क्रमशः अवैध मस्जिद व ईदगाह पर राजस्व व पुलिस की उपस्थिति में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. जनपद बलरामपुर में एक मदरसे पर से कब्जे को हटा लिया गया है वहीं, 5 को नोटिस दिया गया है. जबकि, 2 मजारों पर से अवैध कब्जा हटा लिया गया है और 5 को नोटिस दिया गया है. कुल 13 अवैध अतिक्रमण चिह्नित किए गए और 3 पर कार्रवाई की गई. एक स्थान पर ईदगाह बनी हुई है जिस पर कार्रवाई की जा रही है. निरीक्षण में अब तक कुल 20 मदरसे मानक विहीन पाए गए तथा निर्धारित पाठ्यक्रम भी संचालित नहीं किया गया था। इन सभी मदरसों को बंद करा दिया गया है. इसके अतिरिक्त, 2 मदरसों को एक सप्ताह का समय दिए जाने के बावजूद अभिलेख प्रस्तुत न करने पर नोटिस दिया गया है.

जनपद बहराइच और सिद्धार्थनगर का हाल

जनपद बहराइच में बुधवार को तहसील नानपारा में तथा तहसील मिहींपुरवा में बुधवार को 5-5 अवैध अतिक्रमण हटाए गए हैं. इस तरह, अब तक कुल 127 अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं. बुधवार को ही अल्पसंख्यक अधिकारी बहराइच की आख्या के आधार पर एक मदरसे को सीज किया गया. इससे पूर्व, 5 अन्य मदरसों को भी सीज किया जा चुका है. जनपद सिद्धार्थनगर में बुधवार को एक अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई. जनपद में अब तक कुल 17 अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई है. इसमें 3 मस्जिद और 4 मदरसे शामिल हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >