आइआइटी रूड़की ने कोरोना का पता लगाने के लिए बनाया ऐप

देहरादून : कोरोना वायरस संदिग्धों की निगरानी के लिए सरकारी प्रयासों को और सफल बनाने के लिए आइआइटी रूड़की ने अत्याधुनिक फीचरों से युक्त एक ‘ट्रैकिंग मोबाइल ऐप’ विकसित किया है. आइआइटी रूड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर कमल जैन ने बताया कि यह ऐप व्यक्तियों को ट्रैक करने के अलावा पृथक-वास में भेजा […]

देहरादून : कोरोना वायरस संदिग्धों की निगरानी के लिए सरकारी प्रयासों को और सफल बनाने के लिए आइआइटी रूड़की ने अत्याधुनिक फीचरों से युक्त एक ‘ट्रैकिंग मोबाइल ऐप’ विकसित किया है. आइआइटी रूड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर कमल जैन ने बताया कि यह ऐप व्यक्तियों को ट्रैक करने के अलावा पृथक-वास में भेजा गया व्यक्ति यदि उसका उल्लंघन करता है तो उसे सतर्क भी कर सकता है.

उन्होंने बताया कि अगर जीपीएस डाटा नहीं मिलता, तो मोबाइल टॉवर के जरिये लोकेशन अपने आप मिल जायेगी और अगर किसी क्षेत्र में इंटरनेट नहीं चल रहा है, तो भी एसएमएस द्वारा लोकेशन मिल जायेगी. जैन ने कहा कि यह ‘ट्रैकिंग सिस्टम’ कोविड-19 के दौरान अत्याधुनिक तरीके से निगरानी करता है.

देश में कोरोना वायरस के हालात को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि देश में रविवार से लेकर सोमवार तक कोरोना वायरस के 693 नये मामले सामने आये हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में अब तक 4,067 लोग इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से 109 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 30 लोगों की रविवार को मौत हुई

भारत में मरनेवालों में 63% की उम्र 60 वर्ष के ऊपर60 वर्ष के ऊपर 63%40 से 60 30%40 वर्ष से कम 07%कोरोना पीड़ितों में तीन-चौथाई हैं पुरुष 76% पुरुष24% महिलाएं – 109 लोगों की हो चुकी है मौत – 4,067 मामलों में से 1445 मामले तब्लीगी जमात से जुड़े

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >