क्या कोविड वैक्सीन के कारण बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले? दो हफ्तों में सामने आयेगी ICMR की स्टडी रिपोर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने वैक्सीन से हार्ट अटैक क दावे को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, मैं आपको बता दूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड प्रबंधन से लेकर टीका अनुसंधान और टीकाकरण अभियान के लिए अनुमोदन तक शुरू से ही सभी प्रक्रियाओं के लिए वैज्ञानिक तरीकों का पालन किया.

कोरोना वैक्सीन और कार्डिएक अरेस्ट के कारण होने वाली मौतों में अचानक वृद्धि के बीच संभावित संबंध को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने एक अध्ययन किया है. बताया जा रहा है कि अगले दो हफ्तों में रिपोर्ट सामने आ जाएगी.

कोविड वैक्सीन और हार्ट अटैक में लिंक को लेकर चार अलग-अलग अध्ययन किये गये

बताया जा रहा है कि कोविड वैक्सीन और हार्ट अटैक में लिंक का पता लगाने के लिए चार अलग-अलग अध्ययन किये गये हैं. पहला अध्ययन युवा लोगों की अचानक मृत्यु के कारणों पर केंद्रित था. जबकि दूसरा अध्ययन विभिन्न ऐंगल से अचानक दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतों के आकलन पर केंद्रित था. तीसरे अध्ययन में अचानक होने वाली मौतों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया जिसमें उन्होंने बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान की जो अचानक दिल का दौरा पड़ने या ब्रेन स्ट्रोक के कारण मर गए, जबकि चौथा अध्ययन उन लोगों पर केंद्रित था जिन्हें मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन (दिल का दौरा) हुआ था, लेकिन उनकी मृत्यु नहीं हुई थी.

वैक्सीन से हार्ट अटैक के दावे को स्वास्थ्य मंत्री ने किया खारिज

इधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने वैक्सीन से हार्ट अटैक क दावे को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, मैं आपको बता दूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड प्रबंधन से लेकर टीका अनुसंधान और टीकाकरण अभियान के लिए अनुमोदन तक शुरू से ही सभी प्रक्रियाओं के लिए वैज्ञानिक तरीकों का पालन किया. प्रधानमंत्री का निर्देश था, जिसके कारण इंसाकोग (भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम) और कई अन्य टास्क फोर्स तथा अधिकार प्राप्त समूहों को टीका अनुमोदन तथा अन्य प्रोटोकॉल के लिए स्थापित किया गया. संपूर्ण कोविड यात्रा में, हमने महामारी से लड़ने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का पालन किया.

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कोविड स्थानिक चरण में प्रवेश के कगार पर

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि कोविड-19 स्थानिक बीमारी बनने के कगार पर है, लेकिन भारतीय वैज्ञानिक प्रत्येक नए स्वरूप को लेकर कड़ी नजर रख रहे हैं तथा सरकार हाई अलर्ट जारी रखेगी. उन्होंने रेखांकित किया कि कोरोना वायरस जीवित रहने में कामयाब रहा है और यह बरकरार रहने जा रहा है. दुनिया में महामारी के तीन साल से अधिक समय के बाद अब स्थिति स्थिर है, लेकिन घातक साबित हो सकने वाले किसी भी स्वरूप से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपाय बरकरार रखे जाएंगे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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