Pakistan Oil Reserves: पाकिस्तान में कहां छिपा है तेल का विशाल भंडार? कहीं पाक को चने की झाड़ पर तो नहीं चढ़ा रहे ट्रंप

Pakistan Oil Reserves: अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा करने के साथ पाकिस्तान के साथ ऊर्जा साझेदारी का ऐलान भी कर दिया. जिसके बाद पाकिस्तान में विशाल तेल भंडार की खोज और चर्चा तेज हो गई है. ट्रंप की घोषणा के बाद पाकिस्तान की वास्तविक तेल क्षमता को लेकर भी चर्चा होने लगी है.

Pakistan Oil Reserves: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था, “हमने अभी-अभी पाकिस्तान के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत अमेरिका पाकिस्तान के विशाल तेल भंडार को विकसित करने के लिए मिलकर काम करेगा.” उन्होंने भारत पर तंज कसते हुए कहा था, “हम उस तेल कंपनी को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं जो इस साझेदारी का नेतृत्व करेगी. कौन जानता है, शायद वे किसी दिन भारत को तेल बेचेंगे!”

पाकिस्तान में तेल और गैस के उत्पादन में लगातार गिरावट

डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ समझौते की घोषणा ऐसे समय में की है, जब पड़ोसी देश में तेल और गैस उत्पादन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. पाकिस्तान पेट्रोलियम इन्फॉर्मेशन सर्विसेज के अनुसार हाल के दिनों में तेल के उत्पादन में करीब 11 प्रतिशत तक की गिरावट आई है.

पाकिस्तान अपतटीय क्षेत्र पर बड़े तेल भंडार होने का करता है दावा

पाकिस्तान लंबे समय से अपने अपतटीय क्षेत्र पर बड़े तेल भंडार होने का दावा करता रहा है, लेकिन इन भंडारों का दोहन करने में कोई प्रगति नहीं हुई है. वह इन भंडारों का दोहन करने के लिए निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है.

85 प्रतिशत तेल विदेशों से मंगाता है पाकिस्तान

पाकिस्तान तेल और गैस के मामले में विदेशी आयात पर ही निर्भर है. पाकिस्तान पेट्रोलियम इन्फॉर्मेशन सर्विसेज के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में जो तेल के भंडार हैं, उससे देश की जरूरतों का केवल 10 से 15 प्रतिशत ही पूरा कर पाता है. हालांकि यूएस एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार पाकिस्तान में 9 अरब बैरल तक पाकिस्तान में पेट्रोलियम भंडार मौजूद हैं. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2025 में पाकिस्तान अमेरिका से 322 हजार बैरन आयात किया था. जबकि मई 2025 में 725 हजार बैरन कच्चे तेल की आयात किया था.

2024 में विशाल तेल भंडार को लेकर हुई चर्चा

2024 में पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया गया था कि पाक के समुद्री क्षेत्र में तेल और गैस का विशान भंडार मिला है. यह भी दावा किया गया था कि यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल और गैस भंडार होगा. इसे नीला खजाना नाम दिया गया था. हालांकि कई कंपनियों ने 5500 मीटर तक की खुदाई कि लेकिन कुछ भी नहीं मिला. इससे पहले भी 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी कुछ इसी तरह का दावा किया था. उन्होंने कहा था कि ईरान की सीमा के पास समुद्र में विशाल गैस और तेल का भंडार मिलने वाला है, जिससे पाकिस्तान की तकदीर ही बदल जाएगी. उन्होंने ये भी दावा किया था कि इससे न केवल पाकिस्तान अपनी जरूरतों को पूरा कर पाएगा, बल्कि दूसरे देशों को भी निर्यात करेगा. हालांकि बाद में पाकिस्तान के ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा कि खुदाई में कुछ खास सफलता नहीं मिली.

ट्रंप के समझौते पर पाकिस्तान में ही उड़ रहे मजाक

भारत से खुन्नस निकालने के लिए ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ समझौते की घोषणा कर दी. लेकिन तेल के विशाल भंडार को खोजने की बात पर पाकिस्तान में ही मजाक उड़ाया जा रहा है. सोशल मीडिया पर ट्रंप के दावे का खिल्ली उड़ाई जा रही है. कुछ यूजर ने इसे कॉमेड़ी शो करार दिया. तो एक यूजर ने लिखा, ट्रंप के दावे से ही पता चला कि पाकिस्तान में तेल का विशाल भंडार है.

शरीफ ने व्यापार समझौते को बताया ऐतिहासिक

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया. साथ ही यह भी कहा कि इससे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेंगे. प्रधानमंत्री शरीफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘ मैं ऐतिहासिक अमेरिका-पाकिस्तान व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में नेतृत्वकारी भूमिका के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. इसे (समझौते को) कल रात वॉशिंगटन में दोनों पक्षों द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया.’’

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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