VIDEO : हंदवाड़ा आतंकी हमले के पीछे हिजबुल का हाथ, ग्लोबल टेररिस्ट सैयद सलाहुद्दीन बोला - भारत का पलड़ा भारी

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir ) के हंदवाड़ा (Handwara) में बुधवार को हुए आतंकी हमले (terror attack) की जिम्‍मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) ने ले ली है. इसको लेकर एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें हिजबुल मुजाहिदीन चीफ (Hizbul Mujahideen Chief ) सैयद सलाहुद्दीन (Syed Salahuddin) को आतंकी हमले की जिम्‍मेदारी लेते हुए सुना जा सकता है.

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में बुधवार को हुए आतंकी हमले की जिम्‍मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन ने ले ली है. इसको लेकर एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें हिजबुल मुजाहिदीन चीफ सैयद सलाहुद्दीन को आतंकी हमले की जिम्‍मेदारी लेते हुए सुना जा सकता है.

जारी वीडिया के अनुसार सुरक्षा बलों के हाथों मारे गये हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी रियाज नायकू के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया था. जिसमें हिजबुल मुजाहिदीन चीफ सैयद सलाहुद्दीन ने माना की उस हमले में उसी के संगठन का हाथ था. वीडियो में ग्लोबल टेररिस्ट का तमगा हासिल कर चुके हिज्बुल प्रमुख सैयद सलाउद्दीन को ये भी कहते हुए सुना जा सकता है कि अभी भारत का पलड़ा बहुत भारी है.

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वीडियो में सैयद सलाहुद्दीन को ये भी कहते हुए सुना जा सकता है कि शहादतों की सिलसिला शुरू से चला आ रहा है. सिर्फ 1 जनवरी, 2020 से आज तक 80 मुजाहिद्दीन शहीद हो चुके हैं.

उस वीडियो में ये भी कहते हुए सुना जा सकता है कि मुजाहद्दीन ने भी हालिया हंदवाड़ा, राजवार की कार्रवाई में दुश्मन का कमर तोड़ दिया है. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकी समूह हिज्बुल मुजाहिदीन का स्वघोषित प्रमुख रियाज नायकू बुधवार को सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया.

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सुरक्षा बलों को नायकू की आठ वर्षों से तलाश थी. वह अपने ही गांव में घिरने के बाद सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया. नायकू की मौत सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है. पिछले दिनों ही हंदवाड़ा में दो सैन्य अधिकारी.. कर्नल आशुतोष शर्मा ओर मेजर अनुज सूद सहित आठ सुरक्षा कर्मी आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे. हाल के वर्षों में सेना को हुआ यह सबसे बड़ा नुकसान है. अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित आतंकवादी समूह हिज्बुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर रियाज नायकू को पुलवामा के बेगपुरा गांव में घेर लिया गया था. मुठभेड़ में वह मारा गया. उसके साथी ने भागने की कोशिश की लेकिन सुरक्षा बलों के हाथों वह भी मारा गया.

32 वर्षीय नायकू पर 12 लाख रुपये का इनाम था और तीन बार वह पुलिस के हाथों से बच निकला था. जुलाई 2016 में घाटी में आतंकवाद का चेहरा रहे बुरहान वानी की मौत के बाद नायकू घाटी में आतंकवादी समूह का प्रमुख बना था.

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