चर्च में हिंदू पहुंचे पूजा करने, निर्माण कार्य के दौरान मंदिर के अवशेष मिले

Hindu in Church : चर्च में हिंदू पूजा करने पहुंचे. निर्माण कार्य के दौरान मंदिर के अवशेष मिले थे. दोनों समुदाय के लोगों की सहमति के बाद हिंदुओं ने पूजा शुरू की.

Hindu in Church : केरल के तिरुवनंतपुरम में एक रोचक घटना सामने आई है. यहां एक कैथोलिक चर्च ने अपने परिसर में प्राचीन हिंदू मंदिर के अवशेष मिलने के बाद हिंदू रीति-रिवाजों के पालन की अनुमति दी है. चर्च के लोगों ने अवशेष मिलने के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय के साथ मिलकर धार्मिक अनुष्ठान करवाने का फैसला किया. दोनों समुदायों के बीच सद्भावना और सहयोग से ये सब हो सका. चर्च के प्रवक्ता ने बताया कि जब निर्माण कार्य के दौरान मंदिर के अवशेष मिले. उन्होंने स्थानीय हिंदू समुदाय के लोगों से संपर्क किया. उनके सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई की. इसके परिणामस्वरूप, चर्च परिसर में विशेष पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिसमें दोनों समुदायों के लोगों ने भाग लिया.

चर्च की समझ सचमुच प्रशंसनीय

इस संबंध में अंग्रेजी वेब साइट इंडियन एक्सप्रेस ने खबर प्रकाशित की है. खबर के अनुसार, स्थानीय हिंदू समुदाय ने चर्च प्रशासन के इस कदम की सराहना की. इसे धार्मिक सद्भाव का प्रतीक बताया. एक स्थानीय हिंदू नेता ने कहा, ”चर्च द्वारा हमारी आस्थाओं का सम्मान करते हुए पूजा की अनुमति देना सचमुच में प्रशंसनीय है. यह कदम दोनों समुदायों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देगा.” चर्च परिसर में आयोजित पूजा समारोह में बड़ी संख्या में हिंदू और ईसाई समुदाय के लोग पहुंचे. इस अवसर पर, दोनों समुदायों के नेताओं ने एक-दूसरे के धार्मिक विश्वासों का सम्मान किया. यहां पहुंचे लोगों ने मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया.

समाज में शांति और एकता होगी मजबूत

धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में धार्मिक सद्भाव और एकता को बढ़ावा देती हैं. एक समाजशास्त्री ने कहा, ”जब विभिन्न धार्मिक समुदाय एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करते हैं1 सहयोग करते हैं, तो यह समाज में शांति और एकता को मजबूत करता है.”

एक पॉजिटिव मैसेज गया समाज में

केरल अपनी सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाना जाता है. इस घटना के माध्यम से एक बार फिर प्रदेश ने साबित किया है कि विभिन्न धर्मों के लोग कैसे मिल-जुलकर और आपसी सम्मान के साथ रह सकते हैं. चर्च और हिंदू समुदाय के इस सहयोग ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि नेशनल लेवल पर भी एक पॉजिटिव मैसेज दिया है.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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