'PFI और कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों के जैसा है कांग्रेस का घोषणा पत्र', हिमंत बिस्वा सरमा ने साधा निशाना

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर तंज कसते हुए कहा, यह तो पीएफआई और कट्टरपंथी संगठनों के घोषणा पत्र की तरह है. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में पीएफआई पर प्रतिबंध की बात की है, तो मैं पूछना चाहता हूं कि उन्होंने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की.

कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया है. जिसे सर्व जनांगदा शान्तिय तोटा नाम दिया गया है. जिसका अर्थ सभी लोगों के लिए शांति का बगीचा है. कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादों की झड़ी लगा दी है. जिसमें फ्री बिजली, महिलाओं को बस में फ्री यात्रा और बेरोजगारों को हर महीने 3000 रुपये भत्ता देने की घोषणा की. इधर कांग्रेस के घोषणा पत्र पर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा.

हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को पीएफआई और कट्टरपंथी संगगठनों जैसा बताया

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर तंज कसते हुए कहा, यह तो पीएफआई और कट्टरपंथी संगठनों के घोषणा पत्र की तरह है. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में पीएफआई पर प्रतिबंध की बात की है, तो मैं पूछना चाहता हूं कि उन्होंने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की. पीएफआई पर पहले से ही प्रतिबंध है. सिद्धारमैया सरकार ने पीएफआई के मामले वापस लिए इसलिए वे कह रहे हैं कि मुसलमानों को खुश करने के लिए वे बजरंग दल पर प्रतिबंध लगा देंगे. उन्होंने कहा, कांग्रेस का घोषणापत्र पीएफआई और कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों के घोषणापत्र जैसा दिखता है.

जिन्ना भी जिंदा होते तो ऐसा घोषणा पत्र जारी नहीं करते : हिमंता बिस्वा सरमा

कांग्रेस के कर्नाटक घोषणा पत्र पर असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, गृह मंत्री ने PFI को बैन किया तो कांग्रेस बोल रही है कि वे बजरंग दल को बैन करेंगे, मुस्लिम आरक्षण को फिर से शुरु करेंगे. कांग्रेस ने जो घोषणापत्र जारी किया है वह पूरा मुसलमान घोषणा पत्र है. जिन्ना भी जिंदा होते तो ऐसा घोषणा पत्र जारी नहीं करते.

देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए प्रतिबद्ध : हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, घोषणापत्र में कुछ ऐतिहासिक घोषणा करने के लिए मैं कर्नाटक भाजपा की सराहना करता हूं. इस देश में समान नागरिक संहिता को लागू करने की घोषणा या प्रतिबद्धता लैंगिक न्याय सुनिश्चित करने और मुस्लिम महिलाओं के समान अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगी. उन्होंने कहा, कर्नाटक बीजेपी ने एक बहुत ही साहसिक प्रतिबद्धता जताई है और मुझे यकीन है कि बीजेपी कर्नाटक का ये घोषणापत्र या प्रतिबद्धता पूरे देश में यूसीसी के कार्यान्वयन की राष्ट्रव्यापी मांग की शुरूआत करेगी. राष्ट्रव्यापी एनआरसी समय की मांग है.

कांग्रेस ने कर्नाटक की जनता को फ्री बिजली देने का किया वादा

कांग्रेस ने घोषणापत्र में गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, अन्न भाग्य, युवा निधि एवं शक्ति की पांच गारंटी दोहराई. घोषणापत्र के मुताबिक, गृह ज्योति के तहत 200 यूनिट नि:शुल्क बिजली देने का वादा किया गया है, वहीं गृह लक्ष्मी में परिवार की मुखिया को दो हजार रुपए तथा अन्न भाग्य में दस किलोग्राम अनाज देने का वादा किया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >