'वे पापी थे पापी ही रहेंगे...' राम मंदिर का निमंत्रण अस्वीकार करने पर हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर हमला

ram mandir pran pratishtha असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा, अच्छा हुआ कि कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया, क्योंकि वो बाबर से प्यार करते हैं.

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा (ram mandir pran pratishtha) समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार करने पर कांग्रेस को लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने हमला जारी रखते हुए कहा, भगवान राम और बाबर के बीच, कांग्रेस हमेशा आखिरी वाले को चुनेगी.

‘कांग्रेस बाबर से प्यार करती है’

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा, अच्छा हुआ कि कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया, क्योंकि वो बाबर से प्यार करते हैं. सरमा ने पहली बार इस मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला नहीं बोला है, बल्कि इससे पहले भी उन्होंने जमकर निशाना साधा था. उन्होंने इससे पहले कहा था कि कांग्रेस को अपने पापों को कम करने का मौका मिला था, लेकिन पार्टी मौका चूक गई.

कांग्रेस को हिंदू विरोधी माना जाता रहेगा: हिमंत

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इससे पहले गुरुवार को कहा था कि कांग्रेस को अपने पाप कम करने का मौका दिया गया था लेकिन पार्टी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया जिससे इतिहास उसे हिंदू विरोधी के रूप में आंकता रहेगा. सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस शुरुआत से ही अयोध्या में राम मंदिर के बारे में अपने विचारों को लेकर इस तरह के निमंत्रण की हकदार नहीं थी. यह परंपरा (हिंदू समुदाय का विरोध करने की) पंडित (जवाहरलाल) नेहरू द्वारा उस समय शुरू की गई थी जब उन्होंने (मई 1951) में सोमनाथ मंदिर समारोह का बहिष्कार किया था. वही परंपरा कांग्रेस की वर्तमान पीढ़ी के साथ जारी है. पं. नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के साथ जो किया, वही कांग्रेस नेतृत्व राम मंदिर के साथ कर रहा है.

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‘भूत पिशाच को रखा दूर’

बीजेपी नेता और बंगलौर दक्षिण से लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या ने शुक्रवार को कांग्रेस पर जमकर हमला किया था. उन्होंने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार करने पर कांग्रेस पर जमकर हमला किया था. उन्होंने कहा, कांग्रेस नेताओं ने राम मंदिर के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है क्योंकि भक्त हनुमान चालीसा का जाप कर रहे हैं जो बुरी आत्माओं को दूर रखता है.

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क्या है मामला

दरअसल बुधवार को कांग्रेस ने ऐलान किया था कि अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल नहीं होंगे. पार्टी की ओर से इसके पीछे की वजह बनाई थी कि यह बीजेपी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) का आयोजन है तथा ‘अर्द्धनिर्मित मंदिर’ का उद्घाटन चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में यह भी कहा कि भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं तथा धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय है, लेकिन भाजपा और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक ‘राजनीतिक परियोजना’ बना दिया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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