Heavy Rain: 12 से 18 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना, आंधी-तूफान की चेतावनी, इन राज्यों से वापसी को तैयार मानसून

Heavy Rain: मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक दक्षिण भारत समेत कई और राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा. वहीं देश के कई राज्यों में मानसून की वापसी के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल है. अगले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के बचे हुए हिस्सों, पूरे झारखंड और पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हो जाएगी. अगले 2 से 3 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.

Heavy Rain: दक्षिण भारत के कई इलाकों में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 12,13,14,15,16,17 और 18 अक्टूबर के दौरान  तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में असम में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. बीते 24 घंटे में कई इलाकों में 7 से 20 सेमी बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा बीते 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है.

कैसा है मौसमी सिस्टम?

  • आईएमडी के मुताबिक निचले क्षोभमंडल स्तरों में उत्तर-पूर्व असम और आसपास के क्षेत्रों में एक ऊपरी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. निचले और मध्य क्षोभमंडल स्तरों में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु तट पर एक ऊपरी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है.
  • उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.
  • इन प्रणालियों के असर के कारण देश के कई इलाकों में बारिश होने के साथ तेज हवा चल सकती है.

दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 से 18 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु और केरल में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना है. 13 और 14 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भारी बारिश की संभावना है.
12 से 16 अक्टूबर के दौरान केरल और माहे, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा और तेलंगाना में बिजली और तेज हवा चलने की संभावना है. हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटे रह सकती है. 12 और 13 अक्टूबर को लक्षद्वीप में भारी बारिश की संभावना है.

पूर्व और मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश

  • 12 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है.
  • 12 से 14 अक्टूबर के दौरान ओडिशा में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है.  
  • 14 से 16 अक्टूबर के दौरान विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना है.

पूर्वोत्तर भारत में बिजली गिरने की संभावना

  • 12 अक्टूबर को असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना.

मानसून की हो वापसी

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के बचे हुए हिस्सों, पूरे झारखंड और पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हो जाएगी. अगले 2 से 3 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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