हरिद्वार में जहरीली फली खाने से 3 बच्चों की मौत, विषैले पौधे को नष्ट करने का चलाया जा रहा अभियान

बताया जा रहा है चार बच्चे खेलने के दौरान जंगल घुमने चले गये. जहां सभी ने जहरीली फली का सेवन कर लिया. फल खाने के साथ ही बच्चे को उल्टी होने लगी और देखते-देखते बेहोश हो गये. बच्चे जब घर नहीं लौटे, तो उन्हें ढूंढते हुए जंगल चले गये, जहां सभी बेहोश पाये गये.

उत्तराखंड के हरिद्वार से एक दुखद खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है जंगल में एक जहरीली फली खाने से तीन बच्चों की मौत हो गयी है. सभी बच्चों की मौत इलाज के दौरान हुई है. सभी बच्चे 3 से 6 साल के बीच के बताये जा रहे हैं.

खेलने के दौरान बच्चे चले गये जंगल और जहरीली फली का कर लिया सेवन

बताया जा रहा है चार बच्चे खेलने के दौरान जंगल घुमने चले गये. जहां सभी ने जहरीली फली का सेवन कर लिया. फल खाने के साथ ही बच्चे को उल्टी होने लगी और देखते-देखते बेहोश हो गये. बच्चे जब घर नहीं लौटे, तो उन्हें ढूंढते हुए जंगल चले गये, जहां सभी बेहोश पाये गये. आनन-फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन की मौत इलाज के दौरान हो गयी. चारों बच्चों की पहचान साफिया, शीबू, वशीर और आशिफा के रूप में हुई है.

चौथे बच्चे की हालत बेहद खराब

बतायी जा रही है कि अस्पताल में भर्ती चौथे बच्चे की भी हालत खराब है. चारों बच्चों में आशिफा को हालत बिगड़ने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि वशीर को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था.

SP (क्राइम) रेखा यादव ने हादसे के बारे में दी जानकारी

हरिद्वार में जहरीली पानवाड़ फली खाने से 3 बच्चों की इलाज के दौरान मौत मामले में SP (क्राइम) रेखा यादव ने बताया, खानपुर वन क्षेत्र का मामला है जहां बच्चे खेलते-खेलते इस पानवाड़ में गिर गए और फली खा गए जिसके बाद इनकी तबियत खराब हो गई और इनको अस्पताल ले गए. उपचार के दौरान एक बालक की मृत्यु हो गई और 2 की मृत्यु शनिवार को हुई है.

जहरीले पौधे को नष्ट करने का चलाया जा रहा अभियान

तीन बच्चों की मौत होने के बाद पानवाड़ में विषैले पौधे को नष्ट करने का अभियान चलाया जा रहा है. SP (क्राइम) रेखा यादव ने बताया, हम झाड़ को कटवा रहे हैं जिससे आगे ऐसे मामले न आए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >