आधा भारत नहीं जानता किस गांव में सबसे पहले होता है सूर्योदय, 4 बजे हो जाती है सुबह

Village of Sunrise: क्या आप जानते हैं कि भारत में सबसे पहले किस जगह पर सूर्योदय होता है. किस गांव में सूर्य की किरण सबसे पहले पहुंचती है. अगर नहीं जानते हैं, तो यहां आपको इस रोचक जानकारी से अवगत कराने वाले हैं. यह बताने वाले हैं कि भारत के किस गांव को सूर्योदय का गांव कहा जाता है.

Village of Sunrise: भारत के अरुणाचल प्रदेश को ‘उगते सूरज की धरती’ कहा जाता है. यहां सबसे पहले सूर्योदय होता है. अरुणाचल में भी एक गांव है, जहां सबसे पहले सूर्य की किरणें पहुंचती हैं. उस गांव का नाम डोंग है. यह अरुणाचल के अनजाव जिले में स्थित है. डोंग भारत का सबसे पूर्वी हिस्से में है. यहां देश के अन्य हिस्सों से लगभग दो घंटे पहले सुबह होती है. डोंग में 4 से 5 बजे के बीच सूर्योदय होता है.

भारत का सूर्योदय गांव

डोंग को ‘भारत का सूर्योदय गांव’ कहा जाता है.समुद्र तल से यह गांव करीब 1240 मीटर की ऊंचाई पर. सर्दियों में यहां का तापमान 0 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. सूर्योदय का नजारा देखने के लिए सैलानी ठंड में भी पहुंचते हैं. वैसे यहां सालो भर पर्यटकों का जमावड़ा रहता है.

डोंग गांव में बढ़ रही पर्यटकों की संख्या

अरुणाचल प्रदेश का डोंग गांव पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां की सुबह और शाम बेहद खूबसूरत होती है. यही कारण है कि डोंग गांव में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है. डोंग की पहाड़ियों में सुबह की पहली किरणें जब पेड़ों और लोहित नदी पर पड़ती हैं, तो पूरा गांव सुनहरी रोशनी में नहा उठता है. स्थानीय लोग इस नजारे को नया दिन, नई उम्मीद का प्रतीक मानते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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