मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- ईरान-अमेरिका युद्ध ने बढ़ाया हज यात्रा का खर्च, सरकार पर बेवजह लग रहा बदइंतजामी का आरोप

Hajj 2026 Prices : सोशल मीडिया में इस बार की हज यात्रा को लेकर ना सिर्फ फोटो-वीडियो वायरल है, बल्कि हज यात्रा के किराए में वृद्धि पर भी बात हो रही है और सरकार की निंदा हो रही है. इस बारे में अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी है.

Haj 2026 Prices : केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए हज यात्रा के खर्च में हुई वृद्धि के बारे में जानकारी दी. किरेन रिजिजू ने बताया कि मुझे कई नेताओं ने भी चिट्ठी लिखकर पूछा है कि हज यात्रा के खर्च में 100 डॉलर की वृद्धि क्यों की गई है और सरकार अतिरिक्त पैसा क्यों ले रही है.

हज का किराया $100 बढ़ाने की वजह

किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार कोई अतिरिक्त खर्च नहीं ले रही है. हज के किराए में जो वृद्धि हुई है, उसकी वजह ईरान, अमेरिका और इजरायल का युद्ध है. इस युद्ध की वजह से एयरलाइंस ने किराए में 400 डॉलर की वृद्धि करने को कहा था. सरकार यह नहीं चाहती है कि किराये में वृद्धि की वजह से आम गरीब आदमी हज पर ना जा सके. इस वजह से सरकार ने एयरलाइंस वालों से बात की और किराए में वृद्धि को 400 की बजाय 100 डॉलर पर लेकर आए. हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिए हज पर जाने वालों के लिए सिर्फ $100 की बढ़ोतरी हुई है और प्राइवेट ऑपरेटरों के लिए $150 की बढ़ोतरी हुई है. जो अतिरिक्त पैसा लग रहा है वो सरकार नहीं ले रही है. सरकार सिर्फ सेवा देती है कोई शुल्क नहीं लेती है.

हज यात्रा की बदइंतजामी के वायरल वीडियो पर किरेन रिजिजू का स्पष्टीकरण

किरेन रिजिजू ने कहा कि सऊदी अरब में किसी ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें प्लंबिंग की दिक्कत दिख रही थी. उस वीडियो में बाथरूम का टॉयलेट ओवरफ्लो हो रहा था. किसी ने यह फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और सरकार पर बदइंतजामी का आरोप लगा रहे हैं. मैं उन लोगों को यह बताना चाहता हूं कि सऊदी अरब का सिस्टम हमारे जैसा नहीं है. यहां आप सरकार को गाली दे सकते हैं. वहां एक सिस्टम है.

हमारे ऑफिसर सऊदी अरब में अथॉरिटी से बात करके हर प्रॉब्लम को बड़ी मुश्किल से सॉल्व करने का काम करते हैं. अगर हम वीडियो वायरल करेंगे आलोचना करेंगे, तो सऊदी अथॉरिटी गुस्सा हो जाएगी. वे कहते हैं अगर कोई कंप्लेन है, तो उसे सॉल्व करने के लिए एक अथॉरिटी है. अथॉरिटी को इग्नोर करके सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगी. मैं उनलोगों को यह बताना चाहता हूं कि सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करके अपनी परेशानी और ना बढ़ाएं, क्योंकि अगर अगर वहां की अथॉरिटी हमसे गुस्सा हो जाती है, तो परेशानी हज यात्रियों को ही होगी.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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