आखिर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम कैसे आया जेल के बाहर ? जानें जेल मंत्री ने क्या कहा

Gurmeet Ram Rahim Updates : दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम एक बार फिर जेल के बाहर आ गया है. जानें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को लेकर जेल मंत्री ने क्या कहा

Gurmeet Ram Rahim Updates : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को शुक्रवार को फिर 40 दिन की पैरोल दी गयी जिसके बाद से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. जैसे लोग ये जानना चाह रहे हैं कि आखिर इतनी जल्दी गुरमीत राम रहीम को पैरोल कैसे मिल गयी ? आपको बता दें कि अपनी दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को तीन महीने पहले भी 40 दिन की पैरोल दी गयी थी.

क्या कहा जेल मंत्री ने

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के पैरोल को लेकर हरियाणा के जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि गुरमीत राम रहीम यहां के हर दूसरे कैदी की तरह है और उसके भी उसके मौलिक अधिकार हैं. 3-5 साल बाद कैदी पैरोल के लिए आवेदन कर सकता है और यह हमारे हाथ में नहीं है. कैदी कह जमानत पर सक्षम प्राधिकारी फैसला करता है.

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इससे पहले, हरियाणा के जेल मंत्री रंजीत सिंह चौटाला ने डेरा प्रमुख की ताजा पैरोल याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि डेरा प्रमुख ने 40 दिनों के पैरोल के लिए एक आवेदन दायर किया था, जिसे रोहतक संभागीय आयुक्त को भेज दिया गया था.

रोहतक के संभागीय आयुक्त ने क्या कहा

मामले को लेकर रोहतक के संभागीय आयुक्त संजीव वर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पैरोल 40 दिनों के लिए प्रदान की गयी है जो नियमानुसार है. उल्लेखनीय है कि डेरा प्रमुख की आखिरी 40 दिन की पैरोल पिछले साल 25 नवंबर को खत्म हुई थी. वह 14 अक्टूबर को रिहा होने के बाद उत्तर प्रदेश में अपने बरनावा आश्रम गये थे.

सतनाम सिंह की जयंती कार्यक्रम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपनी पैरोल अवधि के दौरान डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के 25 जनवरी को पूर्व डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह की जयंती कार्यक्रम में भी शामिल होने की संभावना है.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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