Gujarat Election 2022: गुजरात में जातीय समीकरण को साधने में जुटी है बीजेपी, जिताऊ नेताओं को दिया टिकट

Gujarat Election 2022: बीजेपी ने अपने जिन 160 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है उनमें जातिगत हित को साधने का पूरा ख्याल रखा है. 160 उम्मीदवारों की सूची में पार्टी ने 39 पाटीदार 9 ब्राह्मण, 14 महिलाएं, 6 क्षत्रिय को शामिल किया है. यानी बीजेपी ने एक बार फिर हर समुदाय को साधने का पूरा प्रयास किया है.

Gujarat Election 2022: गुजरात विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका हैं. राजनीतिक दलों ने अपने मोहरे भी सेट कर दिए हैं. करीब तीन दशक से गुजरात की सत्ता में काबिज बीजेपी ने राज्य की 182 सीटों में से 160 पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस बार बीजेपी ने चुनाव में टिकट देने में जातीय समीकरण का भी ख्याल रखा है. बीजेपी फिर गुजरात जीतने के लिए पाटीदार,ओबीसी, ब्राह्मण, क्षत्रिय पर दांव खेला है.

टिकट देने में बीजेपी ने जातीय समीकरण पर दिया ध्यान: बीजेपी ने अपने जिन 160 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है उनमें जातिगत हित को साधने का भी पूरा ख्याल रखा है. 160 उम्मीदवारों की सूची में पार्टी ने 39 पाटीदार 9 ब्राह्मण, 14 महिलाएं, 6 क्षत्रिय को शामिल किया है. यानी बीजेपी ने एक बार फिर हर समुदाय को साधने का पूरा प्रयास किया है. बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार भी समुदाय का वोट बीजेपी के ही खाते में आएगा.

बीजेपी का चुनावी समीकरण: बीजेपी एक बार फिर गुजरात में बड़ी जीत दर्ज करने के लिए जी-जान से जुटी है. पार्टी ने जातीय समीकरण के साथ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. अभी पार्टी ने 160 उम्मीदवारों की घोषणा की है. 22 उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है. ऐसे में बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी के जातिगत सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या देखें तो इस बार उसमें कमी आयी है. साल 2017 में बीजेपी ने 4 सीटों पर नॉन गुजराती उम्मीदवार को टिकट दिया था, लेकिन इस बार नॉन गुजराती को एक सीट अभी तक मिला है. पिछले चुनाव में ओबीसी के 28 उम्मीदवारों को टिकट मिला था इस बार 16 ओबीसी को टिकट मिला है.

वहीं, पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पटेल समुदाय के 50 उम्मीदवारों को मैदान में उतार था लेकिन इस बार अभी तक की लिस्ट के मुताबिक उनकी संख्या 39 हैं. पिछले चुनाव में 28 ओबीसी की जगह इस बार पार्टी ने 16 ओबीसी उम्मीदवारों को टिकट दिया है. एसटी की बात करें तो इस बार बीजेपी ने 23 एसटी समुदाय के उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि 2017 के चुनाव में पार्टी में 27 उम्मीदवारों को टिकट दिया था. हालांकि जैन समुदाय की बात करें तो इस बार के चुनाव में 4 उम्मीदवारों को पार्टी ने टिकट दिया है पिछली बार भी 4 उम्मीदवार को खड़ा किया था.

जाहिर है बीजेपी चुनाव में हर कदम सोच समझ कर चल रही है. नफे नुकसान का पूरा गणित का ख्याल रखकर पार्टी कदम बढ़ा रही है. बीजेपी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को उनके निर्वाचन क्षेत्र घाटलोढ़िया से उम्मीदवार बनाया है. साथ ही कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में पाटीदार आंदोलन का चेहरा रहे हार्दिक पटेल और क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा के नाम भी सूची में शामिल किया है. कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हार्दिक पटेल को वीरमगाम से तथा रिवाबा जडेजा को जामनगर उत्तर से बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है.

कई मौजूदा विधायकों को नहीं मिला टिकट: गौरतलब है कि बीजेपी ने एक दिसंबर को पहले चरण की 89 सीटों के लिए 84 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है, और पांच दिसंबर को दूसरे चरण के चुनाव की 93 सीटों में से 76 पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. बीजेपी ने कई मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए है. इस बार पार्टी ने घोषित 160 उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा 49 टिकट अन्य पिछड़ा वर्ग को दिए गए हैं. पटेल समुदाय को 40, अनुसूचित जनजाति को 24, अनुसूचित जाति को 13, क्षत्रिय को 19, ब्राह्मणों को 13 टिकट दिये गये हैं. 

भाषा इनपुट से साभार

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Author: Pritish Sahay

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