कॉकरोच जनता पार्टी को सरकार ने फिर दिया बातचीत का ऑफर, कहा-समय और जगह आप बताएं

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों को सरकार की ओर से एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है. सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप जिस समय चाहें बातचीत हो सकती है. बातचीत में पेच यह फंस रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी यह चाहती है कि बातचीत जंतर-मंतर पर हो, जबकि सरकार यह कह रही है कि बातचीत जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में हो.

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी को बातचीत के लिए एक बार फिर ऑफर दिया है. इस बार सरकार की ओर से कहा गया है कि वे जहां चाहते हैं और जिन मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, हम बातचीत के लिए तैयार हैं.

24 घंटों में 4 बार दिया गया बातचीत का प्रस्ताव


जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों को पिछले 24 घंटे में 4 बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह बताया है. उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे स्टूडेंट्स से मेरी विनम्र अपील है कि वे जब चाहें, दिन के किसी भी समय और जितने समय के लिए चाहें सरकार बातचीत के लिए तैयार है.

जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम उन सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं जिस पर आंदोलन हुआ है. इसके अलावा इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर भी बात करने के लिए सरकार तैयार है. बातचीत खुले मन से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के घर पर हो सकती है और बेशक मैं उनके साथ रहूंगा. बातचीत नड्डा के घर या ऑफिस में या दोनों में से जहां भी आप चाहें हो सकती है.

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बातचीत करना सरकार के लिए प्रतिष्ठा का विषय नहीं

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोेदी बहुत ही संवेदनशील हैं. वे यह चाहते हैं कि छात्रों की समस्याओं का समाधान हो. सरकार ने बातचीत करने को अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा नहीं बनाया है. हम सहजता से यह चाहते हैं कि छात्रों से बातचीत हो. इसकी वजह यह है कि बातचीत होगी, तभी आगे का रास्ता निकलेगा और समस्याओं का समाधान होगा. जितेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर भी बातचीत के ऑफर का वीडियो अपलोड किया है.


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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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