Ghulam Nabi Azad: अनुच्छेद 370 पर फिर बोले आजाद, कहा- 77 सीटों को 350 में बदलना मेरे हाथ में नहीं

गुलाम नबी आजाद ने श्रीनगर में कहा, 77 सीटों को 350 में बदलना मेरे हाथ में नहीं है, मेरे हाथ में नहीं है कि मैं सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई शुरू करने और हमारे पक्ष में फैसला सुनाने के लिए कहूं. मैंने कभी ऐसा कोई वादा नहीं किया जो मेरे हाथ में न हो.

कांग्रेस से इस्तीफा दे चूके वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने एक बार फिर से अनुच्छेद 370 को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा, इसे मुद्दा नहीं बनाया जा सकता क्योंकि यह हमारे हाथ में नहीं है. दरअसल आजाद ने कुछ दिनों पहले बयान दिया था कि मैं या कांग्रेस पार्टी या तीन क्षेत्रीय दल आपको अनुच्छेद 370 वापस नहीं दे सकते, न ही ममता बनर्जी, या द्रमुक या (राकांपा प्रमुख) शरद पवार.

77 सीटों को 350 में बदलना मेरे हाथ में नहीं : आजाद

गुलाम नबी आजाद ने श्रीनगर में कहा, 77 सीटों को 350 में बदलना मेरे हाथ में नहीं है, मेरे हाथ में नहीं है कि मैं सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई शुरू करने और हमारे पक्ष में फैसला सुनाने के लिए कहूं. मैंने कभी ऐसा कोई वादा नहीं किया जो मेरे हाथ में न हो. उन्होंने आगे कहा, जम्मू-कश्मीर आने के बाद से मीटिंग चल रही है. हर धर्म के आवाम का समर्थन मिल रहा है. मैं अन्य पार्टियों को लोगों से ज्यादा नहीं मिल रहा मैं किसी पार्टी को तोड़ना नहीं चाहता। 30-40% लोग ऐसे हैं जो किसी पार्टी के नहीं हैं मैं उनकी मदद लेने आया हूं.

Also Read: Ghulam Nabi Azad: कांग्रेस से आजाद हुए गुलाम नबी का बड़ा ऐलान, बोले- 10 दिनों में लॉन्च करेंगे नई पार्टी

आजाद ने 370 की बहाली का वादा करने वाले दलों की खिंचाई की

कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने अपनी राजनीतिक पार्टी शुरू करने की तैयारियों के बीच अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करने वाले दलों की जमकर खिंचाई की और कहा कि वह लोगों को गुमराह नहीं करेंगे. पिछले महीने कांग्रेस छोड़ने के बाद कश्मीर घाटी में अपनी पहली रैली में उन्होंने कहा कि केवल संसद में दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार ही जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति की बहाली सुनिश्चित कर सकती है.

आजाद चुनावी फायदे के लिए लोगों को बेवकूफ नहीं बनाता

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तरी कश्मीर में डाक बंगला-बारामूला में एक जनसभा में कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं अनुच्छेद 370 के बारे में बात नहीं करता हूं. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आजाद चुनावी फायदे के लिए लोगों को बेवकूफ नहीं बनाता है. उन्होंने कहा, मैं अल्लाह के समक्ष कसम खाता हूं कि मैं आपको गुमराह नहीं करूंगा. मैं ऐसे नारे या मुद्दे नहीं उठाऊंगा, जिन पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है. आजाद ने कहा कि संसद में केवल दो-तिहाई बहुमत वाली पार्टी ही पूर्ववर्ती राज्य का विशेष दर्जा बहाल कर सकती है, जिसे केंद्र ने अगस्त 2019 में रद्द कर दिया था.

हर राज्य में कमजोर हो रही कांग्रेस पार्टी : आजाद

आजाद ने कहा, कांग्रेस पार्टी की हर राज्य में हार के साथ राज्यसभा में उसकी ताकत कम हो रही है. मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में 350 से ज्यादा सीट मिल सकती हैं. आजाद ने कहा, मैं यह कहां से हासिल कर सकता हूं? लोगों को गुमराह क्यों करूं. पिछले महीने कांग्रेस से अपना पांच दशक पुराना नाता खत्म करने वाले आजाद ने कहा कि वह 10 दिन के भीतर अपनी नयी राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा करेंगे, जिसकी विचारधारा आजाद होगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >