समलैंगिक अधिवक्ता सौरभ कृपाल बन सकते हैं दिल्ली हाईकोर्ट के जज, सुप्रीम कोर्ट ने की ऐतिहासिक सिफारिश

अगर सौरभ कृपाल दिल्ली हाई कोर्ट के जज बन जाते हैं तो वे भारत के पहले समलैंगिक जज होंगे. सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस संबंध में 11 नवंबर को कॉलेजियम की बैठक के दौरान फैसला लिया गया.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ कृपाल को दिल्ली हाई कोर्ट का जज बनाये जाने की सिफारिश की है. सुप्रीम कोर्ट के इस कदम को ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने किसी समलैंगिक को दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाये जाने की सिफारिश की है.

अगर सौरभ कृपाल दिल्ली हाई कोर्ट के जज बन जाते हैं तो वे भारत के पहले समलैंगिक जज होंगे. सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस संबंध में 11 नवंबर को कॉलेजियम की बैठक के दौरान फैसला लिया गया.

इस साल मार्च में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने केंद्र सरकार से दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सौरभ कृपाल की पदोन्नति पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा था. गौरतलब है कि यह चौथी बार है कि दिल्ली हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा सर्वसम्मति से उनके नाम की सिफारिश के बाद भी सौरभ कृपाल की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय टाल दिया गया था.

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दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक, सौरभ कृपाल ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की और उसके बाद कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से उन्होंने एम की डिग्री प्राप्त की. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के साथ एक संक्षिप्त कार्यकाल के बाद दो दशकों से अधिक समय तक भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में अभ्यास किया.

सौरभ कृपाल नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ के मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील थे, सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने धारा 377 को रद्द कर दिया.

Posted By : Rajneesh Anand

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