आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित एक रसायन फैक्टरी से देर रात फिर गैस के रिसाव की खबर आयी जिससे प्रशासन के हाथ पैर फूल गये. अग्निशमन अधिकारी संदीप आनंद ने मामले को लेकर कहा कि एहतियातन तीन किमी तक गांव खाली कराने का काम किया जा रहा है. लेकिन पुलिस ने कहा कि मेंटिनेंस के चलते रिसाव की अफवाह उड़ी. समाचार एजेंसी एएनआई की मानें तो गैस का रिसाव उसी जगह से शुरू हुआ जहां से सुबह स्टाइरीन लीक हुआ था.
जिले के अग्निशमन अधिकारी संदीप आनंद के अनुसार एनडीआरएफ के सहयोग से लगभग 50 फायर कर्मचारी ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं. 2-3 किमी के दायरे में गांवों को सुरक्षित और सावधानियों के लिए खाली करने का आदेश दिया जा चुका है. साथ ही 2 फोम टेंडर सहित 10 और फायर टेंडर भी मौके पर पहुंचे हैं. एम्बुलेंस भी वहां किसी भी आपात स्थिति के लिए खडी है.
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गैस लीक होने की घटना की अच्छी तरह जांच होनी चाहिये
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक रसायन संयंत्र में गैस लीक होने की घटना की अच्छी तरह जांच होनी चाहिये. गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ”हम इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हैं और प्रभावित लोगों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं. इस तरह की घटनाओं की स्थानीय अधिकारियों को अच्छी तरह जांच करनी चाहिये.”
11 लोगों की मौत
विशाखापत्तनम के आर आर वेंकटपुरम गांव के समीप स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी एल जी पॉलीमर के संयंत्र से गुरुवार तड़के ढाई बजे स्टाइरीन गैस के रिसाव की यह घटना हुई. कुछ घंटों बाद कई लोगों को बेहोशी की हालत में सड़कों पर गिरा हुआ पाया गया जिसके बाद किसी बड़ी औद्योगिक त्रासदी की आशंका जताई जाने लगी. तड़के हुई इस घटना में 11 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब एक हजार लोग प्रभावित हुए हैं. आंध्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ व पीड़ितों को 10-10 लाख की मदद का एलान किया.
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एनडीआरएफ ने 1500 लोगों को सुरक्षित निकाला
गुरुवार को राष्ट्रीय आपदा बचाव बल (एनडीआरएफ) ने गांवों से तकरीबन 1500 लोगों को सुरक्षित निकाला. इनमें से ज्यादातर लोग बेसुध हालत में थे जिन्हें दरवाजा तोड़कर घर से बाहर निकाला गया.
