G20 Summit: 'जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं तो ऐसा नहीं हुआ था', शरद पवार ने मोदी सरकार पर किया हमला

G20 Summit: जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आये विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं अतिथियों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर दिये गए डिनर में कई व्यंजन शामिल थे. डिनर में चांदी के बर्तन का उपयोग किये जानें पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सवाल उठाये.

G20 Summit: जी-20 शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह की अध्यक्षता ब्राजील के राष्ट्रपति इनासियो लूला डी सिल्वा को सौंप दी. इसके साथ ही पीएम मोदी ने सम्मेलन के समापन का एलान कर दिया. जी-20 शिखर सम्मेलन के समाप्त होने के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं. इस क्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने मोदी सरकार पर हमला किया है. जी20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं को चांदी के विशेष बर्तनों और सोने की परत वाले बर्तनों में भोजन परोसे जाने को लेकर पवार ने सरकार की आलोचना की.

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि इस तरह के आयोजन भारत में पहले दो बार हुए थे, एक बार जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं और वैश्विक नेता भाग लेने भारत आए थे. लेकिन, मैंने (प्रतिनिधियों के लिए) चांदी के बर्तनों और सोने की परत चढ़े बर्तनों के इस्तेमाल के बारे में कभी नहीं सुना. दक्षिण मुंबई में एनसीपी की एक बैठक के बाद पवार ने मीडिया से बात की और कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि भारत आने वाले वैश्विक नेताओं के प्रति सम्मान दिखाया जाना चाहिए क्योंकि यह देश के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन, महत्वपूर्ण मुद्दों को दरकिनार करने और कुछ लोगों का कद बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों का दुरुपयोग करना गलत है.

ये थी खास व्यवस्था

जी-20 में भारत आये मेहमानों के स्वागत से लेकर होटल में खाने-पीने तक हर जगह देसी टच दिया गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक समेत सभी बड़े वैश्विक नेताओं को सोने-चांदी के चमचमाते बरतन में मोटे अनाज जैसे- ज्वार, बाजरा, रागी से बनी डिश परोसी गयी. इतना ही नहीं, विदेशी मेहमान मोटे अनाज से बने स्नैक्स का मजा देसी चाय के साथ उठाया. 150 शेफ की टीम ने हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्सों के जायके इकट्ठा कर डिश तैयार की थी.

Also Read: G20 Summit: मीडिया केंद्र में दिखा एक पृथ्वी, एक परिवार का भाव

हालांकि, इसमें मेहमानों की पसंद का भी ध्यान रखा गया था. जी-20 की प्रथम महिलाओं और नेताओं के जीवनसाथियों को आइएआरआइ के विशाल पूसा परिसर के दौरे के समय मोटे अनाज से जुड़े स्टार्टअप और सेलिब्रिटी शेफ के बने खाने के व्यंजनों का लुत्फ लेने का मौका मिला. उनके पास कुणाल कपूर, अजय चोपड़ा और अनाहिता धोंडी सहित प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ द्वारा तैयार मोटे अनाज-आधारित दावत का जीवंत स्वाद लेने का एक अवसर था.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने डिनर में जी20 नेताओं का स्वागत किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को शिखर सम्मेलन स्थल ‘भारत मंडपम’ में जी20 मेहमानों के लिए डिनर का आयोजन किया था, जिसमें मोटे अनाज से बने व्यंजन और कश्मीरी कहवा परोसे गए. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिनर शुरू होने से पहले एक मंच पर अतिथियों का स्वागत किया, जिसकी पृष्ठभूमि में बिहार के नालंदा महाविहार (नालंदा विश्वविद्यालय) की तस्वीर लगी हुई थी, साथ ही भारत की अध्यक्षता में जी20 का विषय- ‘वसुधैव कुटुम्बकम्- एक पृथ्वी, एक कुटुम्ब, एक भविष्य’ को दर्शाया गया था. आपको बता दें कि नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. यह विश्वविद्यालय दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक था.

Also Read: G20 Summit: भारत की मुरीद हुई दुनिया, बोले पीएम मोदी- नवंबर में हो डिजिटल सम्मेलन

राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन का स्वागत किया और मंच पर उनका अभिवादन किया और उनसे संक्षिप्त बातचीत की. उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से भी संक्षिप्त बातचीत की जो अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ रात्रि भोज में शामिल होने आए थे.

भाषा इनपुट के साथ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >