Photos: असम में बाढ़ का कहर जारी, 6.5 लाख लोग अब भी प्रभावित, देखें तबाही की 13 तस्वीरें

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Photos: असम में बाढ़ का कहर जारी, 6.5 लाख लोग अब भी प्रभावित, देखें तबाही की 13 तस्वीरें
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बाढ़ के बीच जिंदगी की जद्दोजहद

असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार के बावजूद 6.5 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं. 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव अभियान जारी है. देखें असम में बाढ़ से तबाही की 13 इमोशनल कर देने वाली तस्वीरें.

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राहत की हल्की किरण

असम में लगातार कई दिनों तक हुई बारिश के बाद अब बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है. अधिकांश बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर घटने लगा है क्योंकि पिछले कुछ घंटों से बारिश थमी हुई है. हालांकि हालात सामान्य होने में अभी समय लगेगा.

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लाखों लोगों पर अब भी संकट

स्थिति में सुधार के बावजूद राज्य के छह जिलों में 6.54 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं. हजारों परिवार अपने घरों से विस्थापित हैं और सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं. प्रशासन लगातार राहत पहुंचाने में जुटा हुआ है.

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मौत का बढ़ता आंकड़ा

बाढ़ इस साल असम के लिए भारी तबाही लेकर आई है. पिछले 24 घंटे में चार और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है. सबसे अधिक मौतें शिवसागर और चराइदेव जिलों में दर्ज की गई हैं.

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सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर

शिवसागर जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां करीब 2.90 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा चराइदेव में लगभग 1.90 लाख और जोरहाट में 1.30 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं. इन इलाकों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं.

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राहत शिविरों में नई उम्मीद

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने छह जिलों में 274 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र बनाए हैं. इन शिविरों में करीब 18,902 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है, जहां भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

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810 गांव अब भी जलमग्न

बाढ़ का असर अब भी व्यापक है. राज्य के 810 गांव पानी में डूबे हुए हैं. इसके अलावा करीब 34,970 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

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राहत सामग्री की लगातार आपूर्ति

बाढ़ पीड़ितों तक लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. पिछले 24 घंटे के दौरान हजारों परिवारों के बीच 1,668 क्विंटल से अधिक चावल, दाल, नमक और लगभग 8 हजार लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया.

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हर मोर्चे पर बचाव अभियान

सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. ऊपरी असम के कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है.

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टूटे तटबंध और क्षतिग्रस्त सड़कें

बाढ़ के तेज बहाव से कई जिलों में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. कई इलाकों में संपर्क मार्ग टूटने से राहत और बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

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खतरे के निशान से ऊपर नदियां

असम की कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है, हालांकि कुछ स्थानों पर पानी धीरे-धीरे घटने लगा है.

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केंद्र सरकार का सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम सरकार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है. वहीं, बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम भी राज्य पहुंच चुकी है.

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राहत कार्यों की निगरानी

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

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सामान्य होने की उम्मीद

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ है और प्रशासन लगभग सभी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में सफल रहा है. मौसम अनुकूल रहने पर आने वाले दिनों में हालात और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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