BrahMos Missiles : ऑपरेशन सिंदूर तो ट्रेलर था, बोले राजनाथ सिंह- पाकिस्तान का हर कोना रेंज में

BrahMos Missiles : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप का अनावरण शनिवार को किया. इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि जीत हमारी आदत बन चुकी है. ब्रह्मोस मिसाइलों की ताकत ऑपरेशन सिंदूर में दिख चुकी है.

BrahMos Missiles : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में बनी पहली ब्रह्मोस मिसाइलों की खेप का अनावरण किया. यह अत्याधुनिक इकाई 11 मई, 2025 को खोली गई थी. यहां मिसाइलों का निर्माण, परीक्षण और अंतिम गुणवत्ता जांच के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. भारतीय सशस्त्र बल इन मिसाइलों का सफल परीक्षण करने के बाद तैनाती के लिए तैयार करते हैं. इससे देश की सुरक्षा और सशक्त होगी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का कार्यक्रम केवल मिसाइल लॉन्च का नहीं है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को संदेश देने का गर्वपूर्ण अवसर है कि भारत अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है. इस आत्मविश्वास ने हमें ऑपरेशन सिंदूर में मदद की, जहां ब्रह्मोस सिर्फ एक सिस्टम नहीं बल्कि हमारे देश की सुरक्षा का सबसे बड़ा प्रमाण साबित हुआ.

जीत हमारी आदत बन गई है: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया है कि जीत हमारे लिए अब मामूली घटना नहीं है, बल्कि हमारी आदत बन गई है. देश भरोसा करता है कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस से बच नहीं पाएंगे. पाकिस्तान का हर क्षेत्र अब हमारी ब्रह्मोस मिसाइल की पहुंच में है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में जो हुआ, वह केवल एक ट्रेलर था. लेकिन इस ट्रेलर ने ही पाकिस्तान को एहसास करा दिया कि अगर भारत बहुत कुछ कर सकता है. इसके बारे में कहने की जरूरत नहीं.” यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत अब ब्रह्मोस जैसी मिसाइल से न केवल अपनी सुरक्षा, बल्कि दुनियाभर में अपने मित्र देशों की सुरक्षा की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम है.

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मिसाइलों का निर्माण और लास्ट टेस्ट पूरी तरह से देसी टेक्निक से

लखनऊ की यह यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है. यहां मिसाइलों का निर्माण और लास्ट टेस्ट पूरी तरह से देसी टेक्निक से किया जाता है. पहली खेप के रवाना होने के साथ ही यह प्रदेश ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियान का मजबूत हिस्सा बन गया है. यह यूनिट सिर्फ रणनीतिक रूप से ही अहम नहीं है, बल्कि प्रदेश में रोजगार, निवेश और नई तकनीक के अवसर भी पैदा कर रही है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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