कोरोना महामारी के चंगुल में पूरा विश्व है. ऐसे में कई सरकारी, गैरसरकारी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता मिलकर जरूरतमंदों के बीच भोजन और रोजमर्रा के जीवन के लिए जरूरी चीजें बांट रहे हैं. इनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि 21 दिन के इस लॉक डाउन में गरीबों को भोजन की समस्या ना हो.
केरल राज्य में अबतक 129 मरीज हैं, जिनमें से 11 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं और अभी तक यहां किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है. यहां के कोझिकोड जिसे में कई संगठन आगे आकर भोजन और जरूरत की सामग्री का वितरण कर रहे हैं.
वहीं इलाहाबाद के सिविल लाइंस में ड्यूटी पर तैनात पुलिस वाले जरूरतमंदों के लिए भोजन बनाने का काम कर रहे हैं. वहीं पंजाब में भी पुलिस वालों ने जरूरतमंदों के बीच भोजन का वितरण किया. जलंधर और लुधियाना में यह दृश्य देखा गया है. पंजाब में अबतक कोरोना वायरस के 33 मरीज चिह्नित किये हैं जिनमें से एक की मौत हो चुकी है. दिल्ली सरकार भी रैन बसेरे में भोजन उपलब्ध करा रही है. आनंद विहार के रैन बसेरा में केयर टेकर के तौर पर रहने वाले ने बताया कि यहां 50-60 लोगों ने भोजन किया. कुछ लोग वहां रूके . यहां आम लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि अगर आपको बुखार और खांसी है तो हमें बतायें.
महाराष्ट्र में दो बहनें काजल और दिशा ने स्ट्रीट डॉग को खाना खिलाया. उनका कहना था कि जब सारी दुकानें बंद हैं, इनके पास भोजन का संकट है, इसलिए यह हमारी ड्यूटी है कि हम उन्हें भोजन उपलब्ध करायें.
