I.N.D.I.A. गठबंधन को कश्मीर में भी झटका, फारूक अब्दुल्ला ने लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का किया ऐलान

जम्मू-कश्मीर में चुनाव और सीट बंटवारे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जहां तक सीट बंटवारे का सवाल है, नेशनल कॉन्फ्रेंस अकेले चुनाव लड़ेगी और इसमें कोई संदेह नहीं है.

पंजाब और पश्चिम बंगाल के बाद I.N.D.I.A. गठबंधन को अब जम्मू-कश्मीर में भी तगड़ा झटका लगा है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी आगामी संसदीय चुनाव अकेले लड़ेगी, यह फैसला विपक्ष के लिए एक और झटका माना जा रहा है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस अकेले चुनाव लड़ेगी : फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर में चुनाव और सीट बंटवारे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जहां तक सीट बंटवारे का सवाल है, नेशनल कॉन्फ्रेंस अकेले चुनाव लड़ेगी और इसमें कोई संदेह नहीं है. जम्मू-कश्मीर में चुनाव के बारे में पूछे जाने पर तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, मुझे लगता है कि दोनों राज्यों में चुनाव संसदीय चुनावों के साथ होंगे.

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर क्या बोली कांग्रेस

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के बयान (कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अकेले चुनाव लड़ेगी) पर कांग्रेस महासचिव(संचार) जयराम रमेश ने कहा, बातचीत चल रही है. हर पार्टी की अपनी मजबूरियां होती हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी INDIA गठबंधन का हिस्सा रहे हैं और रहेंगे.


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साल की शुरुआत में ममता बनर्जी ने गठबंधन को दिया था झटका

इस साल जनवरी की शुरुआत में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा पश्चिम बंगाल में आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की कसम खाने के बाद इंडिया ब्लॉक को एक बड़ा झटका लगा.

यूपी में राष्ट्रीय लोक दल भी गठबंधन से बाहर

बंगाल में I.N.D.I.A को झटका लगने के बाद उत्तर प्रदेश में भी हाल ही में यूपी में भी विपक्षी गठबंधन को तगड़ा झटका लगा. राष्ट्रीय लोक दल भी गठबंधन से बाहर हो गया और एनडीए के साथ साझेदारी कर ली.

बिहार में भी नीतीश कुमार के एनडीए में जाने से गठबंधन को भारी नुकसान

गौरतलब है कि बंगाल, यूपी के बाद बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए के साथ मिलकर सरकार बनाने से विपक्षी गठबंधन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा. मालूम हो पिछले दिनों जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख नीतीश कुमार ने बिहार में महागठबंधन (महागठबंधन) से हाथ खींच लिया और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ फिर से गठबंधन कर लिया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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