70 सालों से किसानों को दिया गया धोखा, अब खेती छीनना चाहते हैं, केंद्र सरकार निरस्त करे नये कृषि कानून : अरविंद केजरीवाल

Farmers have been cheated for 70 years, Now want to take away farming, Central government repeals new agricultural law : Arvind Kejriwal : नयी दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रविवार को दिल्ली-हरियाणा सीमा स्थित सिंघु बॉर्डर के पास गुरु तेग बहादुर स्मारक पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने नये कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपील केंद्र सरकार से की. उन्होंने कहा कि 70 सालों से किसानों को दिया गया धोखा, अब खेती छीनना चाहते हैं.

नयी दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रविवार को दिल्ली-हरियाणा सीमा स्थित सिंघु बॉर्डर के पास गुरु तेग बहादुर स्मारक पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने नये कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपील केंद्र सरकार से की. उन्होंने कहा कि 70 सालों से किसानों को दिया गया धोखा, अब खेती छीनना चाहते हैं.

उन्होंने माता गुजरी देवी और गुरु गोविंद सिंह के साहेबजादों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि देश का किसान आज बहुत दुखी है. उन पर मुसीबत आयी हुई है. इतनी ठंड में हमारे किसान पिछले 32 दिनों से सड़कों पर सोने को मजबूर हैं. क्यों? इससे मुझे दुख होता है कि यहां 40 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

उन्होंने कहा कि मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि प्रदर्शनकारी हमारे ही भाई, बहन, बुजुर्ग हैं. इनकी मांगों को पूरी कर नये कृषि कानूनों को निरस्त करें और इनका संघर्ष खत्म करें. अन्ना आंदोलन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज किसानों को राष्ट्रदोही और आतंकवादी कहा जा रहा है.

उन्होंने देश की पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि 70 सालों से किसानों को धोखा दिया गया. सभी पार्टियों और सारे नेताओं ने धोखा दिया. किसानों ने केवल आज तक धोखा देखा है. अब तीन नये कानून लाया गया है. अब इन किसानों की खेती भी छीनना चाहते हैं.

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतार दिया है. वे कहते हैं कि किसानों की जमीन नहीं जायेगी. मिट्टी नहीं जायेगी. इससे किसानों को क्या फायदा हुआ.

केजरीवाल ने कहा कि वे सिर्फ यही फायदा बताते हैं कि किसान मंडी के बाहर कहीं भी सामान बेच सकता है. बताएं कहां बेचे. बिहार में मंडी नहीं है. एमएसपी 1850 है. मंडी से बाहर तो एमएसपी के आधे दाम मिल रहे हैं. वे फायदा नहीं बता रहे, कहते हैं किसानों को नुकसान नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि आज देश दो भागों में बंट गया है. एक वो हैं, जो पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं और दूसरे वो हैं जो किसानों के साथ खड़े हैं. करोड़ों किसानों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं.

साथ ही कहा कि केंद्र सरकार आरोप लगा रही है कि किसानों को गुमराह किया जा रहा है. मैं केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं, केंद्र सरकार अपने सबसे बड़े नेता को लेकर आ जाएं और हमारे किसान नेता आ जाएं और पब्लिक में चर्चा हो जाये, पता चल जायेगा, किसको कितनी जानकारी है.

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