Farmer Protest: नुकीली चीज लेकर खड़ी है पुलिस, किसानों ने भी किया है खास इंतजाम, देखें वीडियो

Farmer Protest: हरियाणा में प्रशासन ने कंक्रीट के अवरोधक, लोहे की कीलों और कंटीली तारों का इस्तेमाल कर कई स्थानों पर पंजाब के साथ राज्य की सीमाओं पर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी है. देखें किसान आंदोलन के वीडियो और फोटो

देश की राजधानी दिल्ली में आज गहमा-गहमी का माहौल है. दरअसल, फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने सहित अन्य मांगों को लेकर जो बातचीत की गई, उसका कोई रिजल्ट नहीं सामने आया. किसानों के साथ इस बातचीत की अगुवाई दो केंद्रीय मंत्री कर रहे थे. बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं जिसको देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं. सुरक्षा व्यवस्था का वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है.

क्या है वीडियो में

वीडियो में नजर आ रहा है कि एक पुलिस का जवान नुकीली बेल्ट लिया हुआ है. वीडियो में आगे पुलिस के जवान बैरिकेट लगाते दिख रहे हैं, जिसके ऊपर कांटे की तार लगी हुई है. आपको बता दें कि किसान आंदोलन को लेकर बॉर्डर एरिया में जाम की स्थिति नजर आ रही है. दिल्ली में किसानों के विरोध मार्च के मद्देनजर ITO चौराहे पर दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किये गये हैं. यहां धारा 144 लागू की गई है.

एक नजर में किसान आंदोलन से जुड़ी बातें

-किसानों के दिल्ली की ओर कूच करने के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के आठ स्टेशन पर एक या उससे अधिक प्रवेश व निकासी गेट बंद कर दिए गए हैं. हालांकि, ये स्टेशन बंद नहीं हैं और यात्री अन्य गेट के जरिए प्रवेश और निकासी कर पा रहे हैं.

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-दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के मार्च के मद्देनजर बवाना स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने के केंद्र के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. दिल्ली के गृह मंत्री कैलाश गहलोत ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को इस बाबत पत्र लिखा है और अनुमति देने से इनकार किया है.

-किसानों ने अंबाला-शंभू, खनौरी-जींद और डबवाली सीमाओं से दिल्ली की ओर कूच करने का प्लान बनाया.

किसान संघों के झंडों वाली ट्रैक्टर-टॉली पर किसानों ने सूखा राशन, गद्दे और बर्तन समेत अन्य जरूरी सामान रखा है.

-मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक्टर ट्रॉली के काफिले में एक खुदाई मशीन थी. अमृतसर में एक किसान ने इसपर कहा कि अवरोधक तोड़ने का काम इसी से किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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