Fact Check: बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए रवाना हुई भारतीय सेना? जानें Viral Video का सच

Fact Check: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद हुई हिंसक घटनाओं में कम से कम 232 लोगों की मौत हो गई. बांग्लादेश हिंसा को लेकर सोशल मीडिया में कई वीडियो वायरल हो रहे हैं.

Fact Check: बांग्लादेश में जारी हिंसा और प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पड़ोसी देश में हिंसा और प्रदर्शन को दबाने के लिए भारतीय सेना वहां के लिए रवाना हो चुकी है.

Fact Check: वायरल वीडियो में क्या किया जा रहा दावा?

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए भारतीय सेना पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश में प्रवेश कर रही है. इस वीडियो को लोग तेजी से शेयर कर रहे हैं. तो आइये जानें वीडियो की सच्चाई?

पीआईबी की टीम ने वीडियो का सच बताया

पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने वायरल वीडियो की सच्चाई बताया है. एक्स पर पीआईबी ने वायरल वीडियो को पोस्ट किया और बताया, वीडियो दो साल पुराना है और बांग्लादेश हिंसा से उसका कोई लेना-देना नहीं है. पीआईबी ने एक्स पर लिखा, यह वीडियो 2022 का है और बांग्लादेश विरोध प्रदर्शन से संबंधित नहीं है. यह भी साफ किया कि बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए भारत की ओर से कोई सैन्य सहायता नहीं भेजी गई है.

भम्र फैलाने वाले वीडियो से रहें सावधान

सोशल मीडिया में कई खबरें और वीडियो तेजी से वायरल होते हैं. लेकिन संवेदनशील हालात में कोई भी मैसेज, वायरल खबर और वीडियो पर तुरंत से विश्वास कर लेना और उसे दूसरों तक शेयर करना अपराध है. इससे स्थिति और बिगड़ती है. इसलिए ऐसे कोई भी मैसेज और वीडियो आपके सामने से अगर गुजरते हैं, तो सबसे पहले उसकी पड़ताल कर लेनी चाहिए.

आरक्षण विरोधी प्रदर्शन में अबतक गई 560 लोगों की जान

बांग्लादेश में जुलाई के मध्य में शुरू हुए आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के बाद से मरने वालों का आंकड़ा 560 हो गया है. आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने समाप्त कर दिया था, उसके बाद भी छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और शेख हसीना के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे. आखिरकार हसीना को पद से इस्तीफा देकर ढाका से भागना पड़ा.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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