क्या भारत में बंद हो जाएगा फेसबुक? कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेटा को दी ऐसी चेतावनी

याचिका दायर करने वाली महिला ने बताया उनके पति शैलेश कुमार पिछले 25 साल से सऊदी अरब की एक कंपनी में काम कर रहे थे. उसके पति ने 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) के समर्थन में फेसबुक पर एक पोस्ट डाला था.

क्या भारत में फेसबुक पर बैन लग जाएगा? इस समय इसपर तेजी से चर्चा होने लगी है. दरअसल कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (मेटा प्लेटफॉर्म) को चेतावनी दी है कि अगर वह स्थानीय कानून एजेंसियों के साथ मिलकर काम नहीं करता तो उसपर बैन लगा दिया जाएगा.

याचिका में महिला ने फेसबुक पर लगाया गंभीर आरोप

कविता नाम की एक महिला ने हाई कोर्ट में मामला दर्ज करायी है, जिसपर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की. महिला ने याचिका दायर कर साऊदी अरब में फंसे अपने पति के लिए न्याय की मांग की है. जिसमें उसने आरोप लगाया है कि इस मामले में फेसबुक जांच में सहयोग नहीं कर रहा है.

क्या है मामला

दरअसल याचिका दायर करने वाली महिला ने बताया उनके पति शैलेश कुमार पिछले 25 साल से सऊदी अरब की एक कंपनी में काम कर रहे थे. उसके पति ने 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) के समर्थन में फेसबुक पर एक पोस्ट डाला था. महिला ने बताया पिछले दिनों कुछ लोगों ने उनके पति के नाम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर सऊदी अरब के शासक और इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डाल दिये. मामला सामने आने के बाद पत्नी, जो मंगलुरु में रहती है, उसने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करायी. इस बीच उनके पति शैलेश को साऊदी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और जेल में डाल दिया.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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