Election Commission: एग्जिट पोल करने वाली एजेंसियां को आत्ममंथन करने की जरूरत

चुनाव आयोग ने झारखंड और महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है. आयोग ने कहा कि एग्जिट पोल के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. ऐसे में एग्जिट पोल करने वालों को आत्ममंथन करने की जरूरत है.

Election Commission: चुनाव आयोग ने झारखंड और महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही दो लोकसभा, महाराष्ट्र के नांदेड़ और केरल के वायनाड और 48 विधानसभा के उपचुनाव भी साथ होंगे. चुनाव आयोग ने अदालत में मामला होने के कारण उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर और पश्चिम बंगाल के बशीरहाट विधानसभा उपचुनाव की घोषणा नहीं की है. चुनाव की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि एग्जिट पोल के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है.

ऐसे में एग्जिट पोल करने वालों को आत्ममंथन करने की जरूरत है. पिछले कुछ चुनाव से दो-तीन चीजें लगातार हो रही है. एग्जिट पोल के उलट असल नतीजे आ रहे हैं. वैसे एग्जिट पोल पर चुनाव आयोग का कोई अधिकार नहीं है. लेकिन एग्जिट पोल और असल नतीजों में आ रहे व्यापक अंतर को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और एग्जिट पोल कराने वाली एजेंसी को आत्मचिंतन करने की जरूरत है. 

एग्जिट पोल के तरीके पर उठ रहे सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि एग्जिट पोल करने वालों के सैंपल साइज, सर्वे के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि एग्जिट पोल के आकलन और चुनाव परिणाम में व्यापक फर्क देखने को मिल रहा है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने टीवी चैनलों पर शुरुआती रुझान दिखाने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि मतगणना शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही टीवी चैनल रुझान दिखाने लगते हैं. ईवीएम से गिनती 8.30 बजे शुरू होती है.

लेकिन एग्जिट पोल को सही दिखाने के चक्कर में टीवी चैनल शुरुआती रुझान तथ्यों की परख किए बिना दिखाने लगते हैं. चुनाव आयोग सुबह 9.30 बजे से अपनी वेबसाइट पर परिणाम दिखाना शुरू करता है. ऐसे में आयोग और टीवी चैनल के आंकड़ों में व्यापक अंतर से कभी-कभार गंभीर सवाल उठते हैं. अनुमान और परिणाम में व्यापक अंतर से दल चुनाव परिणाम को लेकर शंका जाहिर करने लगते है. ऐसे में एग्जिट पोल के मामले पर चिंतन करना जरूरी है. 


झारखंड में दो चरण में होंगे चुनाव 

 झारखंड में दो चरण में 13 और 20 नवंबर और महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को चुनाव होगा. दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी. झारखंड में विधानसभा की 81 और महाराष्ट्र में 288 सीटें है. पिछली बार झारखंड में विधानसभा चुनाव पांच चरणों में आयोजित किया गया था, जबकि इस बार सिर्फ दो चरण में चुनाव होना है. झारखंड में पहले चरण के चुनाव की अधिसूचना 18 अक्टूबर और दूसरे चरण की अधिसूचना 22 अक्टूबर को जारी होगी.

पहले चरण के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर और दूसरे चरण के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर है. पहले चरण के लिए नामांकन पत्र के जांच की आखिरी तारीख 28 अक्टूबर और दूसरे चरण की  30 अक्टूबर है. पहले चरण के लिए उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक और दूसरे चरण के लिए 1 नवंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. वहीं महाराष्ट्र में चुनाव की अधिसूचना 22 अक्टूबर जारी होगी. नामांकन 29 अक्टूबर से शुरू होगा और 30 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 4 नवंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे.

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