चुनाव आयोग ने व्हाट्सएप पर ‘विकसित भारत’ मैसेज को शेयर करने से तुरंत रोकने का दिया निर्देश

चुनाव आयोग ने व्हाट्सएप पर ‘विकसित भारत’ मैसेज को लेकर सरकार को निर्देश दिया है. जानें आयोग की ओर से क्या कहा गया.

व्हाट्सएप पर ‘विकसित भारत’ मैसेज को शेयर करने से तुरंत रोकने का निर्देश चुनाव आयोग की ओर से दिया गया है. गुरुवार को आयोग ने यह निर्देश दिया है. यहां चर्चा कर दें कि पिछले कुछ दिनों से Whatsapp पर लोगों को एक मैसेज आ रहा है जिसमें ‘विकसित भारत संपर्क’ की बात कही जा रही है. यह मैसेज केंद्र की मोदी सरकार का प्रचार करता सुनाई पड़ रहा था जिसे तुरंत रोकने का निर्देश चुनाव आयोग की ओर से दिया गया है. चुनाव आयोग की ओर से मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी MeitY को कहा गया है कि वह तुरंत प्रभाव से ऐसे मैसेज पर रोक लगाए ताकि Whatsapp पर लोगों को ये मैसेज ना मिले.

क्या कहा गया चुनाव आयोग की ओर से

चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि उसकी जानकारी में आया है, देश में आचार संहिता लागू होने के बाद भी लोगों के पास Whatsapp पर मैसेज भेजे जा रहे हैं. आयोग के निर्देश पर MeitY की ओर से भी जवाब दिया गया. उसकी ओर से कहा गया कि ऐसे मैसेज पहले भेजने का काम किया गया था. ऐसा हो सकता है कि कुछ लोगों के पास मैसेज पहुंचने में देर हो गई हो और उन्हें ये मैसेज अब मिल रहा हो.

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चुनाव की तारीख की हो चुकी है घोषणा

आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 16 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीख का ऐलान किया था. पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को होगा जबकि सातवें और अंतिम चरण के तहत लोग 1 जून को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. मतों की गिनती चार जून को होगी. चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही देश में आचार संहिता लागू हो चुका है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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