Education: आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए जारी होगा दिशा निर्देश

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए बुधवार को केंद्र सरकार दिशानिर्देश जारी करेगी. इसका मकसद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को आगे बढ़ाने पर फोकस करना है, जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा को एक साथ जोड़ने की पहल को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा.

Education: देश में आंगनबाड़ी केंद्र की महत्ता समय के साथ लगातार बढ़ रही है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए बुधवार को केंद्र सरकार दिशानिर्देश जारी करेगी. विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के अलावा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इस कार्यक्रम का मकसद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को आगे बढ़ाने पर फोकस करना है, जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा को एक साथ जोड़ने की पहल को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्री-स्कूल की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है.


इस पहल का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों से कक्षा 1 तक बच्चों का सुचारू रूप से प्रवेश सुनिश्चित करना और स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र के बीच एक सशक्त संबंध विकसित करना है. सरकार की कोशिश बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था मुहैया कराने के साथ ही पोषण संबंधी उचित आहार देना है. आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के बीच बेहतर तालमेल होने से स्कूली बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण युक्त बनाने में भी मदद मिलेगी. 


विकसित भारत के लिए स्वस्थ बच्चों का होना जरूरी

सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लिए सशक्त मानव संसाधन के निर्माण के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी. शिक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी होने वाले दिशानिर्देश के तहत बाल्यकाल और शिक्षा के लिए समग्र मॉडल अपनाने की बात कही गयी है. इस योजना के तहत स्कूलों को आंगनबाड़ी से जोड़ने की योजना पर काम हो रहा है. देश में मौजूदा समय में 2.9 लाख आंगनबाड़ी केंद्र को स्कूलों के साथ जोड़ा जा चुका है. 

मंत्रालय की कोशिश राज्यों में इस मॉडल को लागू करने के लिए और स्पष्टता लाना हैं. सरकार की कोशिश प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ कुपोषण से दूर करने के लिए कदम उठाया जाए. बच्चों में कुपोषण एक बड़ी समस्या रही है. सरकार आंगनबाड़ी और स्कूलों को एक साथ जोड़कर शिक्षा के साथ ही बच्चों में कुपोषण दूर करने की कोशिश कर रही है. हालांकि सरकार के प्रयासों का सकारात्मक असर दिख रहा है, लेकिन अभी भी लंबा रास्ता तय करना है. 

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लेखक के बारे में

Author: Vinay Tiwari

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