ED Raid : बंगाल में ईडी रेड से मचा हड़कंप, सुबह सात बजे पहुंचीं टीम

ED Raid : कोलकाता और हावड़ा के तीन ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसी इडी के छापे से हड़कंप मच गया. 6000 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की गई.

ED Raid : 60000 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार सुबह कोलकाता के अलावा हावड़ा के तीन ठिकानों पर छापेमारी की. इसके बाद हड़कंप मच गया. ईडी की एक टीम गुरुवार सुबह सात बजे दक्षिण कोलकाता के बेहला निवासी व्यापारी दीपक जैन के घर व दफ्तर में पहुंची. वहीं दूसरी टीम ने हावड़ा के शिवपुर समेत दो जगहों पर अभियान चलाया.

ईडी सूत्रों के अनुसार, एक स्टील कंपनी के खिलाफ जांच एजेंसी ने शिकायत दर्ज की थी. कंपनी के व्यवसायी पर 6,000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है. पिछले साल दिसंबर के महीने में इडी ने संजय सुरेका नामक उद्योगपति के घर पर तलाशी अभियान चलाया था. मौके से चार करोड़ रुपये बरामद किये गये थे. व्यापारी की कार भी जब्त कर ली गयी थी. इसके बाद स्टील कंपनी से जुड़े उद्योगपति संजय सुरेका को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. उससे पूछताछ में कुछ नयी जानकारियां मिलने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को व्यवसायी के करीबी माने जानेवाले हावड़ा के एक व्यापारी के घर एवं एक अन्य जगह पर रेड की.

ईडी का दावा है कि आरोपी व्यवसायी ने इस व्यापारी की कंपनी के जरिए धन शोधन किया था. इडी के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह पैसा कहां गया? मामले की जांच में कई कंपनियों के नाम सामने आये हैं. इन्हीं कंपनियों में से एक का डायरेक्टर दीपक जैन बताया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >