ED Director: अपने पद पर बने रहेंगे संजय मिश्रा! केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, 27 जुलाई को होगी सुनवाई

ED Director: केंद्र ने प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. सुप्रीम कोर्ट इस पर 27 जुलाई को सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक ईडी निदेशक के तौर पर एसके मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो जाएगा.

ED Director: केंद्र ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई को सुनवाई करेगा. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक ईडी निदेशक के तौर पर एसके मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो जाएगा. इसी को लेकर केन्द्र सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर किया है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को अवैध करार दिया था. साथ ही उनके कार्यकाल को घटाकर 31 जुलाई तक कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने सेवा विस्तार को कहा था अवैध
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया था. यहीं नहीं कोर्ट की ओर से कहा गया था कि वो 31 जुलाई तक अपना पद छोड़ दें. जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने कहा था कि 2021 में सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के मुताबिक मिश्रा को नवंबर 2022 से आगे विस्तार नहीं दिया जा सकता था. मिश्रा के विस्तार को याचिकाओं के एक समूह की ओर से चुनौती दी गई थी. यह चुनौती सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2021 के आदेश पर आधारित थी. याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, जया ठाकुर और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई अन्य लोग शामिल थे.

केंद्र सरकार ने मिश्रा को दिया था एक्सटेंशन्स
गौरतलब है कि ईडी के निदेशक संजय मिश्रा को शुरू में नवंबर 2020 में समाप्त होने वाले दो साल के कार्यकाल के लिए ईडी डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया था. इसके बाद उन्हें  एक साल का विस्तार दिया गया था, जिसे एक गैर सरकारी संगठन, कॉमन कॉज की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें सितंबर 2021 के फैसले में विस्तार की अनुमति दी थी, क्योंकि उनका कार्यकाल लगभग दो महीने में समाप्त हो रहा था, यह स्पष्ट था कि मिश्रा को कोई और विस्तार नहीं दिया जाना था.

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर
ईडी के निदेशक संजय मिश्रा की सेवा विस्तार को अवैध घोषित करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की विपक्ष ने जमकर सराहना की. विपक्षी नेताओं ने इस फैसले को सरकार के मुंह पर तमाचा करार दिया. कांग्रेस नेता सह पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार का यही मकसद था कि ईडी निदेशक को गैरकानूनी तरीकों से सेवा विस्तार दिया जाए. वेणुगोपाल ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया है उससे कांग्रेस के रुख की पुष्टि हुई है. हमारा शुरू से कहना रहा है कि ईडी निदेशक को सेवा विस्तार दिया जाना पूरी तरह गैरकानूनी था.

केंद्र सरकार कर रही है ईडी का दुरुपयोग- सुरजेवाला
इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि सत्ता पक्ष हमेशा से ईडी का दुरुपयोग करती रही है. उन्होंने एक बयान में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ED जैसी एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ करते आ रहे हैं. जिस तरह से ED को अलग-अलग राजनीतिक दलों पर छोड़ा गया, प्रताड़ित किया गया, प्रजातंत्र की मूलभूत संस्थाओं को हिलाया गया, प्रजातंत्र को कमजोर किया गया. यह सब साबित हो रहा है.

कौन हैं संजय मिश्रा
गौरतलब है कि संजय कुमार मिश्रा 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी हैं. 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा को पूर्णकालिक प्रमुख बनाए जाने से पहले अक्टूबर 2018 में तीन महीने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था. सीएनबीसी के अनुसार, मिश्रा एक आर्थिक विशेषज्ञ हैं और कहा जाता है कि उन्होंने आयकर के कई हाई लेवल मामलों की शानदार ढंग से जांच की है, जिसके कारण उन्हें ईडी प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था. अपनी नियुक्ति से पहले, मिश्रा दिल्ली में मुख्य आयकर आयुक्त के रूप में तैनात थे. उनके कार्यकाल के दौरान, कई हाई-प्रोफाइल राजनीतिक नेता, अक्सर विपक्षी दलों से, ईडी की जांच के दायरे में आए हैं.

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Author: Pritish Sahay

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