Earthquake: दिल्ली NCR में लगे भूकंप के तेज झटके, तीव्रता 5.8, अफगानिस्तान के हिंदुकुश में था केंद्र

earthquake in Delhi NCR दिल्ली एलसीआर के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये. पुंछ में लोग डर से अपने घर से बाहर निकल आये. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश बताया जा रहा है.

दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किये गये. बताया जा रहा है कि भूकंप की तीव्रता 5.8 रही. भूकंप के झटके रात 9 बजकर 31 मिनट पर महूसस किये गये. भूकंप के तेज झटके महसूस किये जाने के बाद दहशत में लोग अपने घरों से बाहर निकल आये. दिल्ली एलसीआर के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये. पुंछ में लोग डर से अपने घर से बाहर निकल आये. भूकंप के कारण किसी के हताहत होने की फिलहाल कोई खबर नहीं है.

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की धरती भी डोली

भारत सहित पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश बताया जा रहा है. दिल्ली से लगे नोएडा (उत्तर प्रदेश) में एक गगनचुंबी इमारत में रहने वाली प्रीति शंकर ने कहा, भूकंप रात करीब साढ़े नौ बजे दो बार आया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में अक्षांश पर 36.38 डिग्री उत्तर और देशांतर पर 70.77 डिग्री पूर्व में स्थित था.

दो दिन पहले अंडमान द्वीपसमूह में महसूस किये गये थे भूकंप के झटके

गौरतलब है कि तीन अगस्त को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 4.3 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था. जिसका केंद्र दक्षिण अंडमान जिले में समुद्र में 61 किलोमीटर की गहराई पर था. एक महीने से भी कम समय में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में यह तीसरा भूकंप था. इससे पहले, बुधवार को सुबह करीब 5.40 बजे निकोबार जिले के करीब समुद्र में पांच तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था. वहीं, करीब एक महीने पहले पांच जुलाई को द्वीप समूह में रात करीब एक बजे के आसपास 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र पोर्ट ब्लेयर से 126 किमी दक्षिण पूर्व में था. अंडमान-निकोबार द्वीप क्षेत्र तक फैली अल्पाइन-हिमालयी भूकंपीय पट्टी को भूकंप के लिहाज से सर्वाधिक सक्रिय पट्टी माना जाता है और इस द्वीपसमूह पर अक्सर भूकंप आते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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