केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि आम कार मालिक अपनी गाड़ी का माइलेज सही तरीके से खुद नहीं माप सकता. इसके लिए अधिकृत डीलर के पास जाकर जांच करानी चाहिए. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकार की E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में गडकरी से एक पत्रकार ने कहा कि सरकार के E20 पेट्रोल का इस्तेमाल शुरू करने के बाद शहर में उनकी कार का माइलेज काफी कम हो गया है. इसी सवाल के जवाब में गडकरी ने अपनी बात रखी.
पत्रकार के सवाल का जवाब गडकरी ने दिया
जब पत्रकार ने बताया कि 2023 में खरीदी गई उनकी E20-उपयुक्त कार का माइलेज हाल के दिनों में 11 किमी प्रति लीटर से घटकर 7 किमी प्रति लीटर रह गया है, तो नितिन गडकरी ने उनसे पूछा कि उन्होंने माइलेज का यह आंकड़ा आखिर कैसे निकाला? इस पर पत्रकार ने जवाब दिया कि मैंने अपनी कार में वैसे ही चेक किया, जैसे आम लोग करते हैं. मैंने डैशबोर्ड पर दिख रहे माइलेज के आधार पर यह आंकड़ा देखा.
ये भी पढ़ें: गाड़ी में भरवा रहे हैं E20? जान लें इंश्योरेंस क्लेम पर क्या होगा असर
इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि कार का सही माइलेज सिर्फ कंपनी के अधिकृत टेस्टिंग इक्विपमेंट से ही पता चल सकता है. उनका कहना था कि डैशबोर्ड पर दिखने वाले आंकड़ों के आधार पर माइलेज का सही आकलन नहीं किया जा सकता. गडकरी ने कहा कि आप और मैं खुद कार का सही माइलेज नहीं जांच सकते. माइलेज की सही जांच सिर्फ कंपनी के अधिकृत डीलर के पास मौजूद मशीन से ही हो सकती है.
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने क्या कहा?
पिछले हफ्ते (10 जुलाई) पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए एक सवाल-जवाब डॉक्यूमेंट जारी किया. इसमें सरकार ने माना कि E20 पेट्रोल से कुछ गाड़ियों का माइलेज कम हो सकता है, लेकिन साथ ही कहा कि किसी फ्यूल की परख सिर्फ माइलेज के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए. मंत्रालय ने कहा कि यह सही है कि कुछ गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से माइलेज 3 से 5 फीसदी तक कम हो सकता है. लेकिन किसी फ्यूल को सिर्फ माइलेज के आधार पर सही या गलत नहीं माना जा सकता.
