DUSU Election Results : एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर किया कब्जा, निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष; NSUI-0

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन किया है. संगठन ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर जीत दर्ज की है. ABVP के यश डबास को कुल 24,576 वोट मिले जबकि उपाध्यक्ष पद के इंडिपेंडेंट कैंडिडेट दीपांशु शौकीन को 30,634 वोट मिले.

DUSU Election Results : दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी (ABVP) ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की है. निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन को उपाध्यक्ष पद पर जीत मिली है. शुरुआत में एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा अध्यक्ष पद के वोटों की गिनती में आगे चल रहे थे. अध्यक्ष पद के चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर हुई. यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया है.


यह हर उस स्टूडेंट्स की जीत है,जो हमारे साथ खड़ा था : यश डबास

अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाले ABVP के प्रत्याशी यश डबास ने पीटीआई न्यूज एजेंसी से बात करते कहा कि यह स्टूडेंट्स की जीत है. यह सद्भाव की जीत है, संघ की जीत है और देशभक्तों की जीत है. यह हर उस स्टूडेंट की जीत है जो इस संघर्ष में हमारे साथ खड़ा रहा, पिछले कई सालों से हमारे सभी कामों में हमारे साथ हाथ मिलाया और हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे. यश डबास ने कहा कि हम चाहते हैं कि राहुल गांधी स्टूडेंट पॉलिटिक्स में और भी ज्यादा शामिल हों, क्योंकि वह जितना ज्यादा शामिल होंगे, NSUI उतना ही कमजोर होता जाएगा. एजेंडे पर बात करते हुए यश डबास ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता हॉस्टल और PG का सेफ्टी ऑडिट करना है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि सत्य निकेतन जैसी कोई और घटना दोबारा हो. मैं सभी स्टूडेंट्स को मुझ पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और मैं वादा करता हूं कि मैं आपके बीच रहूंगा और आपके सामने आने वाले हर एक मुद्दे के लिए लड़ूंगा.

मैं यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स की आवाज बनूंगा : दीपांशु शौकीन

उपाध्यक्ष का चुनाव जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत के बाद कहा कि यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए मैंने जो यह लड़ाई शुरू की है, वह इसी तरह जारी रहेगी. मैं उनकी आवाज बनूंगा और उनके हक के लिए लड़ूंगा. जहां भी उनके साथ कुछ गलत होगा, मैं सबसे पहले खड़ा होकर उनके लिए लड़ूंगा.


मेरी प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा : रिया छावड़ी

DUSU के चुनाव में सेक्रेटरी के पद पर जीत करने वाली ABVP की रिया छावड़ी ने कहा कि मेरी प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा है. एक महिला उम्मीदवार के तौर पर, मैं यह पक्का करूंगी कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की हर लड़की सुरक्षित महसूस करे. हमने अपने मैनिफेस्टो में जो चीजें शामिल की हैं, वे हमारे कमिटमेंट हैं और हम उन्हें पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे. रिया छावड़ी ने कहा कि जब किसी ने पहले पूछा कि NSUI 4-0 से जीत का दावा कर रहा है, तो मैंने कहा कि यह सच में 4-0 है, लेकिन उन्हें जीरो मिला है.


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By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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