Video: यूपी में ड्रोन गिरा, मिसाइल समझकर घबरा गए लोग

Drone Crashes in UP : घटना पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब ड्रोन उड़ने को लेकर ही भरोसा नहीं था, तो उसे आबादी वाले इलाके में क्यों उड़ाया गया? बाद में पुलिस ने बताया कि यह ड्रोन एक प्राइवेट कंपनी का था. जानें पूरा मामला.

Drone Crashes in UP : उत्तर प्रदेश के सैफई के एक गांव में शनिवार (4 अप्रैल) को एक प्राइवेट कंपनी का टेस्ट किया जा रहा ड्रोन खेत में गिर गया. इससे लोगों में डर फैल गया, क्योंकि उस समय पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध की खबरें चल रही थीं. इससे लोगों को लगा कहीं कोई मिसाइल तो नहीं गिर गई. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसी टेस्टिंग से पहले लोगों को जानकारी देनी चाहिए थी. उन्होंने X पर लिखा कि लोगों को लगा ये कहीं युद्ध क्षेत्र से भटकी कोई मिसाइल गिर गई है. इसके साथ ड्रोन का वीडियो भी उन्होंने शेयर किया.

अखिलेश ने कहा कि जब ये पक्का नहीं था कि ड्रोन ठीक से उड़ेगा या नहीं, तो उसे आबादी वाले इलाके में उड़ाने का जोखिम क्यों लिया गया. उन्होंने कहा कि अगर ये खेत की जगह किसी बस्ती में गिरता, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था. अखिलेश ने जांच की मांग की और कहा कि सरकार किसान के खेत को हुए नुकसान और मानसिक परेशानी का आकलन करे, फिर उसे उचित मुआवजा दिया जाए.

भाजपा सरकार में कोई भी टेस्ट सही से क्यों नहीं हो पाता : अखिलेश यादव

आगे अखिलेश ने लिखा कि भाजपा सरकार में कोई भी टेस्ट सही से क्यों नहीं हो पाता. उन्होंने तंज कसा कि सैफई के लोग कह रहे हैं, जब ड्रोन ही नहीं उड़ा पा रहे, तो वहां की हवाई पट्टी से जहाज कैसे उड़ेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने रनवे को बिना रखरखाव के छोड़ दिया है.

एक प्राइवेट कंपनी का प्रोटोटाइप ड्रोन गिर गया

बाद में इटावा पुलिस ने मामले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सैफई इलाके के नंदपुर गांव में ट्रायल के दौरान एक प्राइवेट कंपनी का प्रोटोटाइप ड्रोन गिर गया था. सुरक्षा के लिहाज से उसके हिस्सों को सेफ कर लिया गया है. किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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