Donald Trump Shooting: अब्राहम लिंकन से लेकर डोनाल्ड ट्रंप तक, अमेरिकी राष्ट्रपतियों और उम्मीदवारों पर पहले भी हो चुके हैं हमले

Donald Trump Shooting: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पेनसिल्वेनिया में शनिवार को चुनावी रैली में जानलेवा हमला किया. एक युवक ने पूर्व राष्ट्रपति पर गोलियां चलाईं और एक गोली ट्रंप के दाहिने कान के ऊपरी हिस्से में लगी. हालांकि हमले में ट्रंप की जान बच गई और उनकी हालत ठीक है. अमेरिका में पहली बार ऐसा नहीं हुआ है. इससे पहले भी पूर्व राष्ट्रपतियों और उम्मीदवारों पर हमला किया गया था. तो आइये इतिहास के बारे में जानें.

Donald Trump Shooting: अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति रहे डोनाल्ड ट्रंप पर शनिवार को हुए जानलेवा हमले से पहले भी इस देश में राष्ट्रपतियों, पूर्व राष्ट्रपतियों और प्रमुख दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को निशाना बनाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं.

अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की 1865 में गोली मारकर कर दी गई थी हत्या

अब्राहम लिंकन अमेरिका के पहले राष्ट्रपति थे, जिनकी जॉन वाइक्स बूथ ने 14 अप्रैल 1865 की गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना के दौरान वह अपनी पत्नी मेरी टॉड लिंकन के साथ वाशिंगटन के फोर्ड थियेटर में ‘अवर अमेरिकन कजिन’ नाटक देख रहे थे. बूथ की 26 अप्रैल 1865 को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. वह वर्जीनिया के बाउलिंग ग्रीन के समीप एक खेत में छिपा मिला था.

अमेरिका के 20वें राष्ट्रपति एम्स गारफील्ड की भी कर दी गई थी हत्या

गारफील्ड देश के दूसरे राष्ट्रपति थे जिनकी कार्यभार संभालने के छह महीने बाद हत्या कर दी गयी थी. वह दो जुलाई 1881 को वाशिंगटन में एक ट्रेन स्टेशन की ओर जा रहे थे तभी चार्ल्स गितेऊ ने उन्हें गोली मार दी थी. गितेऊ को जून 1882 में दोषी ठहराया गया और मृत्युदंड दिया गया.

अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति विलियम मैकिनले की भी गोली मारकर हर दी गई थी हत्या

मैकिनले को छह सितंबर 1901 में न्यूयॉर्क के बफेलो में तब गोली मारी गई थी जब वह भाषण देने के बाद लोगों से हाथ मिला रहे थे. एक व्यक्ति ने नजदीक से उनकी छाती में दो गोली मारी. मैकिनले की 14 सितंबर 1901 में मौत हो गयी थी. उनके बाद उपराष्ट्रपति थियोडर रुजवेल्ट देश के राष्ट्रपति बने थे. डेट्रॉइट के 28 वर्षीय लियोन एफ ने गोली चलाने का अपराध स्वीकार किया गया था. उसे 29 अक्टूबर 1901 को करंट देकर मृत्युदंड दिया गया था.

अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी रुजवेल्ट पर भी हुए थे हमले

रुजवेल्ट ने मियामी में एक खुली कार से भाषण दिया ही था कि तभी गोलियां चलने की आवाज सुनायी दी. फरवरी 1933 में हुई इस घटना में रूजवेल्ट घायल नहीं हुए लेकिन इसमें शिकागो के मेयर एंटन कर्माक की जान चली गयी. इस हमले के दोषी गिसिप्पे जंगारा को मौत की सजा दी गयी.

अमेरिका के 33वें राष्ट्रपति हैरी एस ट्रुमैन पर भी हुआ था जानलेवा हमला

ट्रुमैन नवंबर 1950 में वाशिंगटन के ब्लेयर हाउस में थे तभी दो बंदूकधारी उसमें घुस गए थे. बंदूकधारियों के साथ गोलीबारी में ट्रुमैन तो बच गए थे लेकिन व्हाइट हाउस का एक पुलिसकर्मी और एक हमलावर मारा गया था. व्हाइट हाउस के दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. इस हमले में ऑस्कर कैलाजो को गिरफ्तार किया गया था और उसे मौत दी गयी थी. 1952 में ट्रुमैन ने उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था. राष्ट्रपति जिम्मी कार्टर ने 1979 में उसे जेल से रिहा कर दिया था.

अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी

केनेडी नवंबर 1963 में जब प्रथम महिला जैकलीन केनेडी के साथ डलास गए थे तो एक बंदूकधारी ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया था. केनेडी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो गयी थी. पुलिस ने कुछ घंटों बाद ली हार्वे ओस्वाल्ड को गिरफ्तार कर लिया था और दो दिन बाद ओस्वाल्ड की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी जब उसे पुलिस मुख्यालय से जेल ले जाया जा रहा था.

अमेरिका के 38वें राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड

फोर्ड पर 1975 में कुछ ही हफ्तों के भीतर दो जानलेवा हमले किए गए थे और वह दोनों घटना में बच गए.
अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन: रीगन मार्च 1981 में वाशिंगटन में भाषण देकर निकल रहे थे तभी भीड़ में शामिल जॉन हिंकले जूनियर ने उन्हें गोली मार दी। वह उपचार के बाद स्वस्थ हो गए थे.

अमेरिका के 43वें राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश

बुश 2005 में जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकाश्विली के साथ एक रैली में भाग ले रहे थे तभी उनकी ओर एक हथगोला फेंका गया. हथगोला फटा नहीं था और कोई भी हताहत नहीं हुआ था.

राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी थियोडोर रूजवेल्ट

पूर्व राष्ट्रतपि रूजवेल्ट को 1912 में मिलवाकी में प्रचार के दौरान गोली मारी गयी थी. उन्हें इस हमले में कोई गंभीर चोट नहीं आयी थी.

राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रॉबर्ट एफ केनेडी

केनेडी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी बनने की दौड़ में शामिल थे तभी 1968 में लॉस एंजिलिस में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी जॉर्ज सी वालेस

वालेस डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल थे तभी 1972 में मैरीलैंड में एक प्रचार अभियान के दौरान उन्हें गोली मारी गयी थी. इस घटना के कारण उन्हें कमर के निचले हिस्से में लकवा मार गया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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