Dera Sacha Sauda: फिर जेल से बाहर आया दुष्कर्म का दोषी गुरमीत राम रहीम, दूसरी बार 40 दिन का पैरोल

गुरमीत राम रहीम सिंह अपनी दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को तीन महीने पहले भी 40 दिन की पैरोल दी गई थी. रोहतक के संभागीय आयुक्त संजीव वर्मा ने बताया, पैरोल 40 दिनों के लिए प्रदान की गई है.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पैरोल मिलने के बाद हरियाणा के रोहतक जिले की सुनारिया जेल से रिहा कर दिया गया. मालूम हो शुक्रवार को उसे फिर से 40 दिन की पैरोल दी गई.

गुरमीत राम रहीम को तीन महीने में दूसरी बार मिला 40 दिन का पैरोल

गुरमीत राम रहीम सिंह अपनी दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा काट रहा है. राम रहीम को तीन महीने पहले भी 40 दिन की पैरोल दी गई थी. रोहतक के संभागीय आयुक्त संजीव वर्मा ने बताया, पैरोल 40 दिनों के लिए प्रदान की गई है. यह नियमानुसार है. डेरा प्रमुख की आखिरी 40 दिन की पैरोल पिछले साल 25 नवंबर को खत्म हुई थी. वह 14 अक्टूबर को रिहा होने के बाद उत्तर प्रदेश में अपने बरनावा आश्रम गए थे.

पूर्व डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह की जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे गुरमीत राम रहीम

इससे पहले, हरियाणा के जेल मंत्री रंजीत सिंह चौटाला ने डेरा प्रमुख की ताजा पैरोल याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि डेरा प्रमुख ने 40 दिनों के पैरोल के लिए एक आवेदन दायर किया था, जिसे रोहतक संभागीय आयुक्त को भेज दिया गया था. सूत्रों ने बताया कि अपनी पैरोल अवधि के दौरान डेरा प्रमुख के 25 जनवरी को पूर्व डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह की जयंती कार्यक्रम में भी शामिल होने की संभावना है.

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स्वाति मालीवाल ने पैरोल का जताया था विरोध

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहिम को पैरोल दिये जाने पर तिखी टिप्पणी की है. उन्होंने ट्वीट कर इसका विरोध किया और लिखा, बलात्कारी हत्यारे राम रहीम को एक बार फिर से 40 दिन की पैरोल दे दी गयी है. बेशर्मी की सारी हदें पार कर गयी हैं. देशवासी अपनी बेटियों को बचायें. बलात्कारी आजाद घूकेगा.

अगस्त 2017 को दोषी करार दिया गया था गुरमीत राम रहीम

गौरतलब है कि अगस्त 2017 को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया गया था. उसे पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के आरोप में कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनायी थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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