Delimitation Bill 2026 : केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया. विधेयक पेश होने से पहले ही प्रमुख विपक्षी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इन विधयेकों को धोखा देने वाला बताया और कहा कि इन्हें खारिज किया जाना चाहिए.
परिसीमन बिल के इरादे खतरनाक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया है कि लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए जा रहे हैं. इन्हें महिला आरक्षण से संबंधित बताकर प्रचारित किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि यह बिल परिसीमन से जुड़े हैं.उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि परिसीमन के प्रस्तावों को लेकर देशभर से कई गंभीर चिंताएं सामने आई हैं. जिसमें सबसे प्रमुख यह है कि यह बिल अधिक जनसंख्या वाले राज्यों को लाभ पहुंचाती हैं, जहां फिलहाल बीजेपी मजबूत स्थिति में है. अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन हुआ, तो दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा और उत्तर भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा. इससे लोकसभा में कई राज्यों की राजनीतिक शक्ति वास्तव में कम हो जाएगी. असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से परिसीमन किया गया है, वह दिखाता है कि नरेंद्र मोदी-अमित शाह की जोड़ी कितने खतरनाक तरीके से काम करती है.
महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक धोखा देने वाला
जयराम रमेश ने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों का असली उद्देश्य छल-कपट से भरा है. इनके वर्तमान स्वरूप में इन्हें खारिज किया जाना चाहिए. सरकार संविधान 131वां संशोधन विधेयक, 2026 को एक बड़े सुधार के रूप में ला रही है. इसके साथ ही सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए एक विधेयक तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 भी पेश करेगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग सरल है कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीट में से एक-तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं, साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाली महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित किया जाए. जयराम रमेश ने कहा, 2023 में भी विपक्ष का यही रुख था और आज भी यही है.
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