Delhi Weather: दिल्ली में शनिवार को भीषण गर्मी पड़ी उसके ऊपर से उमस ने और सितम ढाया. राजधानी दिल्ली में शनिवार को इस सीजन का सबसे ज्यादा हीट इंडेक्स यानी महसूस होने वाला तापमान दर्ज किया गया. यह शनिवार दोपहर 2:30 बजे 51.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. गर्मी और उमस का आलम ऐसा रहा कि रात में भी तापमान ने लोगों को बेचैन कर दिया. आमतौर पर दिल्ली में जून के आखिरी दिनों में बारिश की फुहारें शुरू हो जाती हैं, लेकिन इंद्र देव की कृपा- मेघ वर्षा अभी भी राजधानी से काफी दूर लग रही है. हालांकि, गर्मी और उमस के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है. शनिवार को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 130 दर्ज किया गया.
लेकिन शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री ज्यादा था. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में शनिवार को अधिकतम वेट-बल्ब तापमान भी 29.77 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली में नमी का स्तर 35 से 63 प्रतिशत के बीच रहा, जिसकी वजह से गर्मी ज्यादा महसूस हुई. हवा में नमी जितनी ज्यादा होती है, शरीर को गर्मी उतनी ही अधिक महसूस होती है. IMD के अनुसार, इससे पहले इस सीजन का सबसे ज्यादा हीट इंडेक्स 10 जून और 28 मई को 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
शनिवार को लोग हुए हलकान
शनिवार दोपहर 2:30 बजे हवा में नमी का स्तर 45 प्रतिशत रहा. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘नमी का स्तर ज्यादा होने के कारण शनिवार को महसूस होने वाला तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया.’ सिर्फ दिन ही नहीं, रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहा. शनिवार को न्यूनतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था.
वेट-बल्ब तापमान भी चिंता बढ़ाने वाला
मौसम विशेषज्ञों ने शनिवार को दर्ज वेट-बल्ब तापमान को भी काफी अधिक बताया. दोपहर 2:30 बजे वेट-बल्ब तापमान 29.77 डिग्री सेल्सियस और शाम 5:30 बजे 28.09 डिग्री सेल्सियस रहा. विशेषज्ञों के अनुसार, 32 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा वेट-बल्ब तापमान में स्वस्थ और गर्मी के अभ्यस्त लोगों के लिए भी लंबे समय तक बाहर काम करना मुश्किल हो जाता है. वहीं, 35 डिग्री सेल्सियस पर शरीर अपना तापमान नियंत्रित करना बंद कर सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक और बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है.
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क्यों महसूस हो रही ज्यादा गर्मी?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक उमस भरा मौसम जारी रह सकता है. इसके पीछे कई मौसमी गतिविधियों का एक साथ असर होना बताया जा रहा है. फिलहाल अरब सागर से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं आ रही हैं, जो पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत में नमी पहुंचा रही हैं. इससे हवा में नमी बढ़ रही है. नमी और ज्यादा तापमान के कारण महसूस होने वाला तापमान बढ़ गया है. मानसून अभी करीब नहीं है, क्योंकि अगर मानसून सक्रिय होता तो हवाएं बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रही होतीं, जो अभी देखने को नहीं मिल रहा है. इसलिए अगले कुछ दिनों तक फील लाइक तापमान ज्यादा बना रह सकता है.
अगले दो दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम, फिर हो सकती है बारिश
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले दो दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है और यह 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. न्यूनतम तापमान में गिरावट आगे भी जारी रह सकती है और शुक्रवार तक इसके 21 से 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है.
आने वाले सप्ताह में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, बहुत हल्की से हल्की बारिश, गरज के साथ बौछारें और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलने की संभावना है. आईएमडी ने मंगलवार और बुधवार के लिए बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है.
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दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी
इस साल दिल्ली में मानसून सामान्य समय से थोड़ा देर से पहुंच सकता है. राजधानी में मानसून आने की सामान्य तारीख 27 जून है, लेकिन इस बार अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हुई है. आईएमडी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि मानसून दिल्ली में कब तक पहुंचेगा.
मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा, ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले 3-4 दिनों में अरब सागर के उत्तरी हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.’
वहीं, मौसम एक्सपर्ट महेश पलावत ने हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया कि आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों के कारण तापमान में गिरावट आएगी. हालांकि कुछ दिनों तक उमस बनी रह सकती है, लेकिन 2 या 3 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जिससे तापमान कम होगा. इसके अलावा 4 जुलाई के बाद मानसून आने की उम्मीद है.
