Delhi Terror Conspiracy Case: दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम, ISIS के दो आतंकवादी गिरफ्तार; घर से विस्फोटक बरामद

Delhi Terror Conspiracy Case: दिल्ली को दहलाने की साजिश को पुलिस की टीम ने नाकाम कर दिया है. ISIS के दो संदिग्ध आतंकवादियों को दिल्ली और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया. सभी संदिग्ध आतंकवादियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

Delhi Terror Conspiracy Case: ISIS के जिन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है उनकी पहचान दिल्ली निवासी मोहम्मद अदनान खान उर्फ ​​अबू मुहरिब (19) और मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी अदनान खान उर्फ ​​अबू मोहम्मद (20) के रूप में हुई है. दोनों पर आरोप है कि वे दक्षिण दिल्ली के एक शॉपिंग मॉल को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे. पुलिस के अनुसार, एक सार्वजनिक पार्क भी उनके निशाने पर था.

संदिग्ध आतंकवादियों के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

पुलिस ने दिल्ली स्थित एक घर से प्लास्टिक बम, पेट्रोल बम, टाइमर उपकरण और आतंकी संगठन के झंडे समेत विस्फोटक बनाने की सामग्री जब्त की है. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) प्रमोद सिंह कुशवाह ने एक बयान में कहा, ‘‘सादिक नगर में मोहम्मद अदनान के घर की तलाशी के दौरान तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें आईएसआईएस की प्रचार सामग्री, तस्वीरें और रिमोट से विस्फोट करने की प्रणाली तथा पेट्रोल बम के साथ प्लास्टिक बम बनाने के निर्देशों वाली जानकारी थी.’’

भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतंकी हमले की कर रहे थे तैयारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों के घर से एक पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, आईएसआईएस का एक झंडा-वफादारी की शपथ के दौरान इस्तेमाल किया गया कपड़ा- तथा आईईडी में इस्तेमाल होने वाली एक टाइमर घड़ी भी बरामद की गई है. पुलिस बरामदगी से पता चलता है कि दोनों त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतंकी हमले करने की तैयारी में थे.

दूसरे आरोपी अदनान खान को एटीएस के सहयोग से किया गया गिरफ्तार

दूसरे आरोपी अदनान खान को भोपाल आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के सहयोग से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि दोनों कथित तौर पर आईएसआईएस का प्रचार करने और संपादित जिहादी वीडियो प्रसारित करके युवाओं की भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया पर एक नेटवर्क चला रहे थे. पुलिस पूछताछ में अदनान खान ने स्वीकार किया कि वह ऑनलाइन जिहादी सामग्री के माध्यम से कट्टरपंथी बना था और उसने पहले भी सोशल मीडिया पर धमकी भरी सामग्री पोस्ट की थी, जिसमें ज्ञानवापी स्थल का वीडियो सर्वेक्षण करने का आदेश देने वाले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को निशाना बनाने वाला पोस्ट भी शामिल था. वर्ष 2024 के उप्र एटीएस मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद अदनान खान ने कट्टरपंथी सामग्री पोस्ट करने और समर्थकों की भर्ती करने के लिए कई सोशल मीडिया चैनल बनाकर चरमपंथी गतिविधियों को फिर से शुरू कर दिया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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