Delhi Building Collapse: मंत्री सिरसा ने बताया, 40 से 50 साल पुरानी थी बिल्डिंग; बेसमेंट पर चल रहा था काम और हुआ हादसा

दिल्ली में एक 40-50 साल पुरानी इमारत ढहने से 6 लोगों की मौत हो गई है। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस हादसे में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Delhi Building Collapse: दिल्ली बिल्डिंग हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ, जब इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था. घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), एनडीआरएफ (NDRF) और डीडीएमए (DDMA) की टीमों ने मोर्चे संभाल लिया और सोमवार को भी राहत-बचाव कार्य जारी है.

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : मनजिंदर सिंह सिरसा

घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थिति का जायजा लिया. वहीं दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया, "सभी छात्रों का पता लगा लिया गया है. 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया है और 6 की मौत हुई है. आशंका है कि मलबे के नीचे कोई अज्ञात मजदूर फंसा हो सकता है, लेकिन स्थिति पूरी तरह साफ होने तक कुछ नहीं कहा जा सकता. इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी."


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40-50 साल पुरानी थी बिल्डिंग

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया, बिल्डिंग 40 से 50 साल पुरानी थी. बेसमेंट में काम करने की कोशिश की गई, जिससे यह हादसा हुआ. उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कल ही कहा था कि सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, मालिक पर FIR

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, रात में मलबे से एक और शव निकाला गया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. पुलिस ने इमारत के मालिक और संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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