दिल्ली की दमघोंटू हवा पर SC सख्त, CAQM को लगाई कड़ी फटकार

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. खुले में सांस लेना मुश्किल हो गया है. लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं. वायु गुणवत्ता मंगलवार को खराब श्रेणी में बनी रही और औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 293 दर्ज किया गया. दिल्ली प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है और इसके लिए कोर्ट ने CAQM को कड़ी फटकार लगाई है.

Delhi Pollution: वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा, सीएक्यूएम अपना दायित्व निभाने में विफल रहा है. कोर्ट ने सीएक्यूएम को दो सप्ताह के भीतर विशेषज्ञों की बैठक बुलाने और बढ़ते प्रदूषण के प्रमुख कारणों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को चरणबद्ध तरीके से दीर्घकालिक समाधानों पर विचार शुरू करने का निर्देश दिया है.

Delhi Pollution: टोल प्लाजा मुद्दे पर सीएक्यूएम को फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सीमा पर टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या स्थानांतरित करने के मुद्दे पर दो महीने के स्थगन के अनुरोध के लिए सीएक्यूएम को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा- सीएक्यूएम टोल प्लाजा संबंधी मामले पर अलग-अलग हितधारकों के दबाव या रुख से प्रभावित हुए बिना विचार करेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बिगड़ते AQI पर CAQM चुप रहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) दिल्ली-NCR में बिगड़ते AQI लेवल के बारे में कोर्ट द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चुप रहा है. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि CAQM दिल्ली में बिगड़ते AQI के पीछे के कारणों की पहचान करने और इसे रोकने के लिए लंबे समय के समाधान सुझाने में साफ तौर पर नाकाम रहा है. कोर्ट ने कहा, CAQM ने दिखाई देने वाले लंबे समय के सुधार के उपायों के लिए कोई ठोस प्लान या प्रस्ताव पेश करने के बजाय, सिर्फ एक स्टेटस नोट जमा किया, जो कोर्ट के साथ-साथ विद्वान एमिकस क्यूरी द्वारा उठाए गए ज्यादातर मुद्दों पर चुप है. CAQM बिगड़ते AQI के कारणों की साफ पहचान करने या लंबे समय के समाधान सुझाने में नाकाम रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >