‘आप’ ने दिल्ली के प्रदूषण का ठिकरा हरियाणा पर फोड़ा, कहा- पंजाब तो…

देश की राजधानी का हाल प्रदूषण से बेहाल हो चुका है. इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. जानें किस इलाके में कितना एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया है.

दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही है. राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ और ‘अति गंभीर’ श्रेणी में रिकॉर्ड की गई. सुबह नौ बजकर पांच मिनट पर दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 437 रहा. शादीपुर, आईटीओ, सिरी फोर्ट, आर के पुरम, पंजाबी बाग, दिल्ली विश्वविद्यालय केंद्रों पर एक्यूआई क्रमश: 438, 400, 430, 462, 469 और 454 रिकॉर्ड किया गया.

इस बीच दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) ने वायु प्रदूषण का ठिकरा हरियाणा पर फोड़ा है. आप ने सोमवार को दिल्ली से निकट होने का हवाला दिया और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण संकट के लिए हरियाणा को दोषी ठहराने की मांग की. आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने 2014 के बाद से मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा उठाए गए प्रदूषण विरोधी उपायों के विश्लेषण करने की बात कही है.

आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने मीडिया से बढ़ते प्रदूषण को लेकर बात की और कहा कि पंजाब में पराली जलाना यहां से लगभग 500 किमी दूर है जबकि हरियाणा में पराली जलाना 100 किमी दूर है. 2014 के बाद से हरियाणा में खट्टर सरकार द्वारा उठाए गए प्रदूषण विरोधी उपायों पर एक विश्लेषण किये जाने की जरूरत है. आगे आप प्रवक्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण में 31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 में केंद्र सरकार ने माना है कि दिल्ली में हवा की गुणवत्ता पिछले आठ वर्षों में सबसे अच्छी रही है. सीएक्यूएम डेटा से यह भी पता चलता है कि पंजाब में पराली जलाने में 50-67 प्रतिशत की कमी आई है.

इस बीच आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सोमवार को भी ‘गंभीर’ श्रेणी में रिकॉर्ड की गई. इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. दिल्ली के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) ने पूर्वानुमान लगाया है कि दिल्ली का AQI कम से कम अगले कुछ दिनों तक ‘गंभीर’ रहेगा.

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने रविवार को ग्रेडेड एक्शन रिस्पांस प्लान (जीआरएपी) के चरण IV को लागू किया है. ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) की बात करें तो यह वायु प्रदूषण विरोधी उपायों का एक सेट है जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने स्थापित किया है. GRAP के चार चरण होते हैं. इनमें चरण IV सबसे गंभीर होता है. वहीं स्टेज IV तब सक्रिय होता है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 से ऊपर या ‘सेवर प्लस’ श्रेणी में रहता है.

गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाते हैं जिसमें जीआरएपी आवश्यक सामान ले जाने वाले, आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले या एलएनजी, सीएनजी या बिजली से चलने वाले ट्रकों को छोड़कर अन्य ट्रकों को दिल्ली में इंट्री करने से रोकता है. केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-VI डीजल हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) को दिल्ली के बाहर से यहां इंट्री दी जाती है.

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Published by: Amitabh kumar

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