दिल्ली में श्रद्धा जैसी एक और वारदात, भलस्वा नाले से तीन टुकड़ों में कटा शव बरामद, दो संदिग्ध गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस तीन टुकड़ों में कटा शव बरामद कर उसकी पहचान में जुट गयी है. इस मामले में दो संदिग्धों नौशाद और जगजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है. दोनों को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया है.

दक्षिणी दिल्ली के महरौली में पिछले साल श्रद्धा वालकर की हत्या कर उसके शव को कई टूकड़ों में फेंकने का मामला सामने आया था. मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है और दिल्ली से ही उसी तरह का एक और मामला सामने आया है. दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने भलस्वा नाले (उत्तरी दिल्ली) से तीन टुकड़ों में कटा हुआ एक शव बरामद किया है. शव बरामद होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.

शव की पहचान में जुटी पुलिस, जांच जारी

दिल्ली पुलिस तीन टुकड़ों में कटा शव बरामद कर उसकी पहचान में जुट गयी है. इस मामले में दो संदिग्धों नौशाद और जगजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है. दोनों को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया है.

क्या हुआ था श्रद्धा वालकर के साथ

दरअसल पिछले साल दिल्ली के महरौली में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की हत्या कर दी थी. मर्डर करने के बाद उसने शव के 35 टुकड़े कर दिए थे और उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में फेंक दिया था. उसके शव को फेंकने से पहले महरौली स्थित अपने घर पर 300 लीटर के फ्रिज में लगभग तीन सप्ताह तक रखा था.

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न्यायिक हिरासत में है आरोपी आफताब पूनावाला

श्रद्धा वालकर की हत्या करने और शव के कई टुकड़े करने के मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गयी है. आरोपी को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था.

झारखंड में भी श्रद्धा जैसी घटना, आदिम जनजाति महिला की हत्या के बाद शव के 12 टुकड़े किये

दिल्ली श्रद्धा वालकर की हत्या और शव के टुकड़े करने की घटना शांत भी नहीं हुआ और झारखंड में भी पिछले दिनों वैसा ही वारदात हुआ था. पिछले साल साहिबगंज के बोरियो में 22 वर्ष की आदिम जनजाति महिला की हत्या कर दी गयी थी. उसके बाद उसके शव के 12 टुकड़े कर दिये गये थे. मृतक महिला का नाम रबिका पहाड़ीन है. यह महिला बोरियो थाना क्षेत्र के गोंडा पहाड़ की रहनेवाली थी. वह शादी के बाद पति दिलदार अंसारी के साथ बेलटोला स्थित घर पर रहती थी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

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