Delhi Building Collapse: 1 की मौत, 2 गंभीर; मालिक आनंद बंसल पर FIR, कैसे ढही 15 कमरों वाली बिल्डिंग?

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के बाद बचाव अभियान जारी है. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि दो घायलों की हालत गंभीर है. बिल्डिंग के मालिक आनंद बंसल पर FIR दर्ज होने की जानकारी मिली है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डिंग गिरने का कारण बेसमेंट में निर्माण और पानी भर जाना है.

Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर छात्रों के पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. पुलिस, फायर ब्रिगेड, CAT एंबुलेंस और NDRF की टीमें मौके पर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था.

इमारत के मालिक आनंद बंसल पर FIR

दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन इमारत हादसे में मालिक आनंद बंसल के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि इमारत में एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं, जिनका इस्तेमाल PG के तौर पर हो रहा था. हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था. अब तक छह लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है, जबकि राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है.

दोपहर 1.34 बजे मिली थी हादसे की सूचना

दिल्ली पुलिस के अनुसार साउथ कैंपस थाने को दोपहर करीब 1.34 बजे नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना मिली. इसके बाद स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन सेवाओं को मौके पर भेजा गया. NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की. संकरी गलियों की वजह से बचाव वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा.

AIIMS में दो घायलों की हालत गंभीर

AIIMS के सूत्रों के मुताबिक हादसे के बाद अस्पताल लाए गए लोगों में एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया. दो घायलों की हालत गंभीर बताई गई है. एक बचावकर्मी को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जिसे बाद में छुट्टी दे दी गई. पुलिस का कहना है कि मलबे में फंसे या घायल लोगों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है.

Hostel Days के नाम से चल रही थी इमारत

अधिकारियों के मुताबिक ढही हुई इमारत को Hostel Days के नाम से जाना जाता था. सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं. स्थानीय निवासी राजेन छेत्री के मुताबिक इमारत में करीब 15 कमरे थे और एक कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे. यहां रहने वाले कई छात्र आसपास के दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में पढ़ते थे.

चश्मदीद ने बताया बेसमेंट में चल रहा था काम

एक चश्मदीद के मुताबिक सत्य निकेतन की पुरानी PG बिल्डिंग के बेसमेंट में काम चल रहा था और बारिश के बाद वहां पानी भर गया था. उनका दावा है कि इमारत काफी पुरानी थी और उसमें पांच-छह मंजिलें थीं. उन्होंने करीब 30 से 40 छात्रों के रहने की आशंका जताई. हालांकि इमारत गिरने की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

20 साल से ज्यादा पुरानी बताई जा रही इमारत

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इमारत करीब 20 साल पुरानी थी. इलाके की एक निवासी ने दावा किया कि लंबे समय से इमारत की ठीक से देखभाल नहीं हुई थी. उन्होंने यह भी कहा कि सत्य निकेतन की कई इमारतों को PG में बदल दिया गया है और कई मकान मालिक खुद वहां नहीं रहते.

कैसे ढही सत्य निकेतन की इमारत?

  • दिल्ली पुलिस के मुताबिक हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था. इमारत में एक बेसमेंट और उसके ऊपर पांच मंजिलें थीं.
  • स्थानीय लोगों और चश्मदीदों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण बेसमेंट में पानी जमा हो गया था.
  • स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत करीब 20 साल पुरानी थी और इसे PG के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.
  • कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि इमारत के नीचे के हिस्से और पिलर कमजोर थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
  • बेसमेंट का काम, पानी भरना या कमजोर ढांचा-इनमें से हादसे की सही वजह क्या थी, इसका पता तो जांच के बाद ही चल पाएगा.

वीकेंड नहीं होता तो हादसा और बड़ा हो सकता था

एक चश्मदीद ने बताया कि वीकेंड होने के कारण कई छात्र अपने घर गए हुए थे. उनका कहना है कि अगर हादसा किसी कामकाजी दिन हुआ होता तो इमारत में ज्यादा छात्र मौजूद हो सकते थे और नुकसान कहीं अधिक हो सकता था. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने 20 से ज्यादा लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई है.

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लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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