Delhi Govt: दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली ईवी नीति का मसौदा हुआ जारी

दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030' का मसौदा जारी किया है. आम लोगों और विशेषज्ञ इस मसौदे पर सुझाव और आपत्ति देंगे और इसके बाद संशोधन कर इसे लागू किया जायेगा. दिल्ली ईवी नीति 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 3954.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस मसौदे का मकसद दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है ताकि प्रदूषण रहित परिवहन सिस्टम का निर्माण हो सके.

Delhi Govt: दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है. दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी सबसे अधिक है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में जाड़े के मौसम में होने वाले प्रदूषण में 23 फीसदी हिस्सेदारी वाहनों की है. ऐसे में प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का मसौदा जारी किया है. 

आम लोगों और विशेषज्ञ इस मसौदे पर सुझाव और आपत्ति देंगे और इसके बाद संशोधन कर इसे लागू किया जायेगा. दिल्ली ईवी नीति 2026 में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 3954.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस मसौदे का मकसद दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है ताकि प्रदूषण रहित परिवहन सिस्टम का निर्माण हो सके. 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मसौदा जारी करते हुए कहा कि दिल्ली ईवी नीति 2026 राजधानी में स्वच्छ, सुलभ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह नीति 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी और इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत सभी खरीद पर सब्सिडी डीबीटी के जरिये लाभार्थियों के खाते में जाएगा. इसका लाभ दिल्ली दिल्ली के नागरिकों और यहां पंजीकृत फर्म, एजेंसियों और कंपनियों को मिलेगा. 

ईवी नीति की अहम बात


दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले साल 30000 रुपये, दूसरे साल  20,000 रुपये और तीसरे साल अधिकतम 10000 रुपये की अधिकतम सब्सिडी मिलेगी. ई-ऑटो और छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक के लिए भी सब्सिडी की राशि तय की गयी है. इसके अलावा पुरानी गाड़ी के स्क्रैपिंग को लेकर भी व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा दिल्ली में रजिस्ट्रेशन कराने पर सभी ईवी वाहन को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 फीसदी की छूट मिलेगी. 

चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगी और यह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास करेगी. वाहन निर्माता कंपनियों को डीलर के यहां कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन लगाना होगा. सरकारी विभागों में अब से सभी इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद होगी. दिल्ली परिवहन निगम के पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक किया जाएगा. यह चरणबद्ध तरीके से लागू होगा. एक जनवरी 2027 से दिल्ली में नए रजिस्ट्रेशन के लिए केवल इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों की मंजूरी होगी, जबकि 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा. 

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Published by: Vinay Tiwari

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